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अलवर में रक्षाबंधन के लिए सजा पतंगों का बाजार, कुछ इस तरह मनाया जाता है रक्षाबंधन का त्योहार

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अलवर

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Hiren Joshi

Aug 25, 2018

jaipur

kite

अलवर. रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में इन दिनों खासी रौनक है। होपसर्कस से लेकर नगर परिषद तक और घंटाघर से लेकर काशीराम का चौराहा, चूड़ी मार्केट और तिलक मार्केट में राखी की दुकानें सजी हुई है। इस बार बाजार में नए डिजायन की राखियां आई हुई हैं। रेशम के परंपरागत धागे से लेकर कुंदन, रंग बिरंगे स्टोन के अलावा मेटेरियल से बनी राखियों की भरमार है। चंदन की महकती राखियां और ब्रासलेट वाली राखियां भी हैं। फोम वाली राखियां भी खूब बिक रही हैं। महिलाओं के साथ बच्चों के लिए भी विशेष राखियां बाजार में आई हुई है। इसमें लाइट वाली राखियां, कॉर्टून करेक्टर वाली राखियां, रिंगटोन वाली, डॉल वाली राखियां विशेष पसंद आ रही है। बहनेंं अपनी भाभियों के लिए राजस्थानी परंपरागत लूंबे भी खरीद रही हैं।

पतंगों के बाजार में आई चमक

अलवर में रक्षाबंधन पर पतंग उडाने की परंपरा है। इसके चलते हर बार विशेष तौर से पतंगों का बाजार सजाया जाता है। बाजार में 2 रुपए से लेकर 100 रुपए तक की पतंगें बिक रही हैं। मालाखेडा बाजार में दर्जनों दुकानों पर पतंगों की बिक्री हो रही है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए और पुराने नेता, अभिनेता, कॉर्टून, तिरंगा, चांद सितारे के डिजायन से सजी पतंगों के अलावा, आई लव इंडिया, मेरा भारत महान व देश भक्ति के संदेश देने वाली पतंगे आई हुई है। पतंगों की भारी मांग को देखते हुए जयपुर से विशेष तौर से कारीगर बुलाए गए हैं। लाइट वाली पतंग भी खूब बिक रही है।

अलवर में रक्षाबंधन पर उड़ाई जाती है पतंगे

अलवर मे रक्षाबंधन के अवसर पर पतंगे उड़ाई जाती है। लोग सुबह से ही अपने घरों की छत पर पतंग उड़ाने चढ़ जाते हैं। इसके बाद वो काटा-वो मारा की आवाजें आती है। छत पर डीजे लगाकर लोग डांस भी करते हैं। शाम को केंडल बलून हवा में छोड़े जाते हैं।