
पांच वर्षों से उधार के सहारे चल रहा है राजस्थान का यह विश्वविद्यालय, अब इन पदों पर होगी नियुक्ति
अलवर. राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय बीते पांच वर्षों से उधार के स्टॉफ के सहारे चल रहा है। विश्वविद्यालय ने अभी तक महत्वपूर्ण कार्य सम्पादित कराने के लिए स्टॉफ अन्य महाविद्यालयों से प्रति नियुक्ति पर रख रखा है। प्रति नियुक्ति का स्टॉफ जिस कॉलेज से आया है, उस महाविद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय में राज्य सरकार की ओर से कुलपति व वित्त नियंत्रक को लगाया गया है। विश्वविद्यालय के पास अभी तक स्वयं के मंत्रालयिक व सहायक कर्मचारी तक नहीं है। यहां के लिए महत्वपूर्ण रजिस्टार के पद पर एक व्याख्याता अनूप सिंह को लगाया गया है। परीक्षा नियंत्रक का कार्यभार डॉ. सप्तेश कुमार देख रहे हैं जो कार्यवाहक के रूप में हैं। विश्वविद्यालय को संचालित करने के लिए महत्वपूर्ण सभी पदों पर प्रतिनियुक्ति के अधिकारी व कर्मचारी लगे हुए हैं।
यहां प्रतिनियिुक्ति के खेल पर ओआईसी एकेडमिक, ओआईसी एकेडमिक सैकेंड, ओआईसी एक्जामिनेशन, ओआईसी स्पोर्टस, ओआईसी द्वितीय, ओआईसी रिसर्च, सीओ ओआईसी एकेडमिक, ओआईसी स्मार्ट विलेज हैं। इसी प्रकार मंत्रालयिक कर्मचारी तक यहां प्रतिनियुक्ति पर हैं जिनमें अकाउंट आफिसर, ओआईसी आरटीआई, सहायक लेखाधिकारी, जूनियर लेखाधिकारी, सेक्सन आफिसर सहित 9 अन्य मंत्रालयिक कर्मचारी लगाए गए हैं।
रजिस्ट्रार 1, सहायक रजिस्ट्रार 2, उप रजिस्ट्रार 1, परीक्षा नियंत्रक 1, विधि सहायक 1, लेखाधिकारी 2, कनिष्ठ लेखाधिकारी 2, सेक्शन आफिसर 2, यूडीसी 4, एलडीसी 10, सहायक कर्मचारी 10, पीए 1, स्टेनो 3, सूचना सहायक 4, प्रोफेसर 5, एसोसिएट प्रोफेसर 10 और सहायक प्रोफेसर 15 की स्वीकृत पद हैं। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है लेकिन भर्ती प्रक्रिया को लेकर संशय बना रहता है कि जब तक यह पूरी नहीं हो जाए। सरकार भर्ती प्रक्रिया को लटकाकर भी रखती है।
इससे यह है नुकसान
विश्वविद्यालय के पास अपना स्थाई स्टाफ नही है जिससे जवाबदेही तय करने में परेशानी आती है। यहां संविदा पर कर्मचारी लगाए गए हैं जिससे गोपनीयता पर भी आंच आने की आशंका रहती है। इसी प्रकार प्रतिनियुक्ति पर लगे अधिकारी कई बार बदलते हंै तो रूटीन के कामकाज मेंं दिक्कत आती है।
यह कहते हैं कुलपति-
‘ विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए आवेदन भरवाए गए हैं, इसके लिए परीक्षा भी ली जा रही हैं। भर्ती प्रक्रिया को जल्दी से जल्दी पूरा करने की कोशिश की जा रही है। ’
- डॉ. भरत सिंह, कुलपति, राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर।
Published on:
14 Jul 2018 03:22 pm
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