अलवर. सर्दी की आहट के साथ ही अलवर शहर में जगह जगह पर हलवाई की दुकानों पर भटटी पर गर्मागर्म दूध् वह भी मलाई डला हुआ लोगों को बहुत पसंद आ रहा है। केसर बादाम डले हुए दूध की खुशबू दूर से ही आने लगती हैं और लोग पीने के लिए लालायित होने लगते हैं।
अलवर शहर में पुलिस कंट्रोल रूम के पास, घंटाघर के समीप, त्रिपोलिया व मुंशी बाजार सहित शहर के प्रमुख हलवाई की दुकानों पर शाम होते ही कढाई में दूध गर्म होने लगता है जो कि रात तक खत्म भी हो जाता है। दूध को मिटटी के कुल्लड में पीने का स्वाद ही कुछ अलग होता है।
आयुर्वेद के अनुसार गुणकारी है दूध
आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डा. पवन सिंह शेखावत ने बताया कि दूध जीवनीय शक्ति बढ़ाने वाला, बल - बुद्धिवर्धक एवं सभी धातुओं को पोषित करने वाला रसायन होता है। दूध के नियमित सेवन से ओज बढ़ता है तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास में दूध की भूमिका महत्वपूर्ण है। दूध मधुर रस प्रधान , वात और पित्त का शमन करने वाला होता है। रात में दूध पीने से पेट की जलन शांत होती है, भोजन का पाचन अच्छा होता है और अच्छी नींद आती है।
उन्होंने बताया कि दूध कब्ज़ दूर करने वाला, शरीर में स्निग्धता लाने वाला, रंग रूप को निखारने वाला,स्वर में वृद्धि करने वाला, जलन को शांत करने वाला होता है। गर्भ स्थापना में सहायक, घावों को भरने में उपयोगी होता है। दूध की मलाई स्निग्ध, वात और पित्त को शान्त करने वाली होती है।
दूध कैसा पिएं और कब पिएं
दूध शुद्ध , ताजा , गर्म उबालकर पीना चाहिए। सामान्यतः स्वस्थ व्यक्ति के लिए दूध में चुटकी भर अदरक, लौंग, इलायची, केसर, दालचीनी, जायफल आदि मिलाकर पीना शीत ऋतु में लाभदायक रहता हैं।
दूध के साथ निषेध
दूध के साथ नमक, दही, मछली, मूली या कच्चे सलाद, इमली, नारियल, नींबू व अन्य खट्टे फल, जामुन, अनार, आंवला, कुलथी व उड़द नहीं खाना पीना चाहिए। इससे शरीर पर नुकसान हो जाता है।