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डेढ़ साल पहले बन गया नगर निगम, उपायुक्त मिले न इंजीनियर

अलवर

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susheel kumar

Jun 02, 2025

- अब निगम का एरिया बढ़ने से और बढ़ेगा काम, कैसे होगा शहर का विकास

- नेताओं ने निगम को उच्चीकृत कराया, पर सुविधाएं व स्टाफ दिलवाने में पीछे

Alwar: वोटों की खातिर पूर्ववर्ती सरकार ने नगर परिषद का उच्चीकरण करके नगर निगम बना दिया। स्टाफ स्ट्रैक्चर भी तैयार हो गया, लेकिन यह कागजों से बाहर नहीं आया। यानी परिषद के पास जो िस्थति डेढ़ साल पहले थी, अब उससे भी ज्यादा खराब हो गई है। कुछ लोग रिटायर हो गए और कुछ के ट्रांसफर। कामों की मॉनिटरिंग से लेकर व्यवस्था सुधार के लिए शहर को दो उपायुक्त मिलने थे, लेकिन एक की भी तैनाती नहीं की गई। चार एक्सईएन में से दो ही यहां तैनात हैं। मुख्य अभियंता की भी तैनाती होनी थी, वह भी पद खाली है।

निगम बनने के बाद नया स्टाफ स्ट्रैक्चर यहां तैयार हुआ। इसमें अतिक्रमण निरोधक अधिकारी, मुख्य कर निरीक्षक, दो आरओ, तीन एआरआई, एक लेखाधिकारी, 15 एईएन, 20 जेईएन, 70 लिपिक, मुख्य सफाई निरीक्षक, चार वरिष्ठ सफाई निरीक्षक, 8 सफाई निरीक्षक के अलावा नगर निगम का अपना दस्ता शामिल था। डेढ़ साल में नगर निगम को इसमें कोई स्टाफ नहीं मिल पाया। एक इंजीनियर का कहना है कि नगर निगम बढ़ने से एरिया बढ़ रहा है। काम बढ़ गया, लेकिन स्टाफ नहीं बढ़ाया गया। निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग व एमबी समय से नहीं हो पा रही है। लिपिकों पर भी कई योजनाओं की जिम्मेदारी आ गई है। इससे काम प्रभावित हो रहा है। निगम तभी दौड़ सकता है, जब यह स्ट्रैक्चर लागू हो जाए। इसके लिए नेताओं को भी सरकार के स्तर पर पहल करनी चाहिए।