
NCR का दायरा घटेगा, अलवर और भरतपुर होंगे बाहर, केवल यह तहसीलें रहेंगी बरक़रार, जानिए कितना क्षेत्र कम होगा
अलवर. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का ड्राफ्ट रीजनल प्लान 2041 लागू होने के बाद अलवर व भरतपुर का 50 प्रतिशत क्षेत्र एनसीआर से बाहर हो जाएगा। फिलहाल राजस्थान का 13 हजार 446 वर्ग किमी क्षेत्र एनसीआर का हिस्सा है। जिसमें अलवर जिले का 8 हजार 380 वर्ग किमी और भरतपुर का 5 हजार 66 वर्ग किमी क्षेत्र शामिल है। नए रीजनल प्लान के अनुसार अब राजस्थान का 6 हजार 777 वर्ग किमी क्षेत्र ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा रहेगा। जिसमें अलवर जिले का 4 हजार 705.19 वर्ग किमी और भरतपुर का 2 हजार 71 वर्ग किमी क्षेत्र ही एनसीआर में रहेगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि नए ड्राफ्ट के लिए 7 जनवरी तक आमजन के सुझाव मांगे गए हैं। मार्च 2022 में इस ड्राफ्ट की अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
गौरतलब है कि अक्टूबर माह में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया था कि दिल्ली के राजघाट से 100 किमी दूरी के क्षेत्र ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा रहेंगे। फिलहाल एनसीआर का दायरा 175 किमी तक है।
अलवर की पांच व भरतपुर की दो तहसीलें रहेंगी
एनसीआर में रीजनल प्लान 2041 लागू होने के बाद अलवर जिले की पांच व भरतपुर की दो तहसीलें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा रहेंगी। अलवर जिले से तिजारा, नीमराणा, किशनगढ़बास, कोटकासिम व मुंडावर और भरतपुर जिले की पहाड़ी व कामां तहसील का क्षेत्र एनसीआर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बरकरार रहेगी। राजघाट से100 किमी के दायरे में आने वाली तहसीलों को एनसीआर में रखने का निर्णय राज्य सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।
विकास व आवसीय योजनाओं में विभाजित होगा क्षेत्र
परिसीमन के बाद अलवर जिले के 4 हजार 705.19 वर्ग किमी क्षेत्र में से 883.83 वर्ग किमी क्षेत्र तहसीलों के लिए, 2 हजार 379.90 वर्ग किमी का क्षेत्र ट्रांजिस्ट ओरियेंटेड डेवलपमेंट कॉरिडोर के लिए रहेगा। इन क्षेत्रों में आवासीय कॉलोनियां बनाने का प्रस्ताव है। वहीं 1442.46 वर्ग किमी विकास नियंत्रण क्षेत्र के अंर्तगत रहेगा। इसी तरह भरतपुर में 612.02 वर्ग किमी का क्षेत्र तहसीलों के लिए, 950.72 वर्ग किमी का क्षेत्र ट्रांजिस्ट ओरियेंटेड डेवलपमेंट कॉरिडोर और 508.67 वर्ग किमी विकास नियंत्रण क्षेत्र के लिए रहेगा।
शिक्षा, चिकित्सा व पर्यटन के क्षेत्र में होगा विकास
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से प्लान में प्रस्तावित है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के छोटे कस्बों में शिक्षा, चिकित्सा, पर्यटन, सस्ते दरों पर आवास प्रदान किए जाएं। प्रारंभिक तौर पर नूंह-भिवाड़ी और मथुरा-अलवर क्षेत्रीय एक्सप्रेस वे बनाने की तैयारी है। यह एक्सप्रेस वे अलवर को उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शहरों से जोड़ेंगे। रीजनल प्लान में चर्चा तैयारी है कि एनसीआर में शामिल शहरों के बीच की दूरी 60 मिनट में पूरी हो। इसलिए परिवहन व्यवस्था को अधिक महत्व दिया गया है।
Updated on:
31 Dec 2021 08:02 am
Published on:
30 Dec 2021 05:07 pm
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