
वन विभाग की ओर से बनाया गया चिड़ियाघर का डिजाइन
Zoo will be built in Alwar अलवर स्थित कटीघाटी में प्रस्तावित चिडि़याघर व लायन सफारी के प्रस्ताव को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की तकनीकी कमेटी ने पास कर दिया है। अब वन विभाग इस पर काम शुरू करेगा। वर्ष 2029 तक चिडि़याघर बनकर तैयार हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने चिडि़याघर का प्लान अक्टूबर-2025 में पास किया था। यह 104 हेक्टेयर क्षेत्र में बनेगा। यहां 81 प्रजातियों के 443 जानवर लाए जाएंगे। लुप्तप्राय 13 प्रजातियों के 74 जानवर भी पर्यटक देख सकेंगे। लायन सफारी समेत इस प्रोजेक्ट पर 180 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जिसमें पहले चरण में सरकार 96 करोड़ रुपए जारी करेगी। तीन चरणों में काम पूरा होगा।
चिडि़याघर में 50 रुपए का टिकट लगेगा। लायन सफारी का टिकट 300 रुपए का होगा। छात्र चिडि़याघर में 20 रुपए के टिकट के साथ घूम सकेंगे। जंगल सफारी के लिए उन्हें 50 रुपए देने होंगे। विदेशी पर्यटकों को चिडि़याघर के लिए 300 रुपए और लायन सफारी के लिए 600 रुपए देने होंगे। चिडि़याघर के जरिए 2.32 करोड़ रुपए की आय होगी। लायन सफारी के जरिए सालाना 4.44 करोड़ रुपए आएंगे। शाकाहारी सफारी के जरिए 3.33 करोड़ रुपए आएंगे। शाकाहारी सफारी का किराया भी लायन सफारी के बराबर ही होगा। इस तरह सरकार को साल में 10 करोड़ 9 लाख रुपए की अनुमानित आय होगी।
कटीघाटी में चिडि़याघर बनाया जाएगा, जिसमें पहाड़ी व समतल एरिया है। पहाड़ी एरिया में 50 हेक्टेयर में चिडि़याघर बनाया जाएगा। वहीं, 54 हेक्टेयर में जंगल सफारी बनेगी। इस पूरे एरिया को पूरा एरिया 8 जोन में बांटा गया है। यहां जनसुविधाएं 10 तरह की होंगी। यहां 160 अधिकारी व कर्मचारियों का स्टाफ तैनात होगा। वन विभाग के मुताबिक हर साल करीब 8 लाख पर्यटक आएंगे।
चिडि़याघर व लायन सफारी की डीपीआर को पर्यावरण मंत्रालय की तकनीकी कमेटी ने मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही काम शुरू होगा- राजेंद्र कुमार हुड्डा, डीएफओ अलवर
Published on:
21 Feb 2026 12:36 pm
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