अलवर. राज्य सरकार को चार साल पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। केवल जिले की पीएचसी पर पेंट करके उनपर नई पट्टी लगाई गई हैं। इसका न तो मरीजों को कोई लाभ मिला, न सेवाओं में सुधार हुआ। सीएचसी व पीएचसी सहित जिला अस्पताल भी केवल रैफरल अस्पताल बना हुआ है। जिले में 36 सीएचसी व 122 पीएचसी हैं। तीन साल में जिले की 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का नाम बदलकर आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रखा गया। पुराने भवनों पर पेंट किया गया व उसके बाद जनप्रतिनिधियों ने उनका उदघाटन कर दिया। उनके नाम की इन पर पटटी लगा दी गई। जबकि सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। आज भी जिले की सीएचसी व पीएचसी पर इलाज के नाम पर केवल खानापूर्ति होती हैं। डॉक्टर व नर्सिंग कर्मी गायब रहते हैं। मरीजों को दवा नहीं मिलती तो, इलाज के नाम परधक्के खाने पड़ते हैं। महिला रोग विशेषज्ञ व अन्य विशेषज्ञों के पद खाली पड़े हुए हैं।