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अलवर से खैरथल की दूरी 45 किलोमीटर, रोडवेज बस तो छोडि़ए, शाम 5 बजे बाद नहीं मिलता निजी वाहन

अलवर से खैरथल जाने के लिए रोडवेज बस तो है नहीं, लेकिन निजी बस भी शाम 5 बजे के बाद नहीं मिलती।

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अलवर

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Prem Pathak

Mar 23, 2018

NO VEHICLE FACILITY FROM ALWAR TO KHAIRTHAL

खैरथल से रोडवेज के सौतले व्यवहार की कहानी सीधी बस सेवा नहीं होने पर ही खत्म नहीं होती। सच्चाई ये है कि खैरथल के लिए शाम 5 बजे बाद अलवर से कोई प्राइवेट बस भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पांच बजे बाद जो अलवर में अटक गया, समझो अटक गया। उसे अलवर में ही रात काटनी पड़ेगी या खैरथल पहुंचने के लिए रतजगा करना पड़ेगा। दरअसल, अलवर से खैरथल के लिए रात 7 बजे एक ट्रेन चलती है। दूसरी ट्रेन रात 12 बजे है। जो बस नहीं मिलने पर रात 7 बजे वाली ट्रेन में चढ़ गया तो चढ़ गया, नहीं तो ट्रेन के इंतजार में उसकी रात काली होना तय है। पहले तो उसे ट्रेन के इंतजार में लगभग पांच घंटे प्लेटफार्म पर गुजारने पड़ेंगे, इसके बाद ट्रेन से वह आधी रात बाद घर पहुंचेगा। इस दौरान जान का जोखिम रहेगा, सो अलग।

रोडवेज बस चले तो ये होगा फायदा

अलवर से यदि रोडवेज के लिए बस चलाई जाए, तो इसका न सिर्फ खैरथल वासियों को फायदा मिलेगा। बल्कि रात्रि में वाहन के इंतजार में खड़े रहने वाले आस-पास के ग्रामीणों की भी समस्या हल हो जाएगी। उनका सफर न सिर्फ सुरक्षित रहेगा, बल्कि उन्हें गांव तक बस उपलब्ध होगी। दरअसल, अलवर से खैरथल के बीच मातौर, नांगल संतोकड़ा, सोरखा कला, नारेड़ी, नंगली ओझा सहित कई गांव पड़ते हैं। बस के चलने पर इन्हें सीधे गांव तक के लिए साधन उपलब्ध हो सकेगा।

आस-पास के गांवों का बुरा हाल

खैरथल के लिए सीधी रोडवेज सेवा के नहीं होने से खैरथलवासियों के साथ-साथ समीपवर्ती गांवों के लोगों को भी खासी परेशानी आती है। जितने लोग प्रतिदिन खैरथल से अलवर सफर करते है, लगभग उतने ही आस-पास के गावों के विद्यार्थी, नौकरीपेशा व किसान रोजाना अलवर आते हैं। वापसी में घर पहुंचने का केवल ट्रेन ही साधन रहता है। खैरथल से भी गांवों तक रात्रि में एक-दो वाहन ही चलते हैं।

ये है वर्तमान स्थिति

अलवर से खैरथल के लिए 5 बजे के बाद निजी बस भी नहीं होने से लोगों को ततारपुर चौराहे या किशनगढ़ होकर जाना पड़ता है। इसमें भी ततारपुर चौराहे से वाहन मिलने की कोई गारन्टी नहीं है। ततारपुर से खैरथल के लिए भी शाम 7 बजे के बाद कोई वाहन नहीं चलता। इस परिस्थिति में लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में 45 किलोमीटर का सफर भी उन्हें किसी थकाऊ यात्रा से कम नहीं लगता।

मुझसे किसी ने कभी खैरथल तक सीधी बस चलाने की मांग नहीं की। यदि कोई करेगा तो बस भी चलवाएंगे। वैसे विजयमंदिर से खैरथल तक सीधा सडक़ मार्ग बन रहा है। इसके बाद खूब बसें हो जाएंगी।
रामहेत यादव, विधायक किशनगढ़बास