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94 डमी उम्मीदवारों से ज्यादा वोट ले गया नोटा

विधानसभा चुनाव जीतने के लिए राजनीति के धुरंधर चाल चलते हैं। इसी में शामिल है डमी कंडीडेट का पैंतरा। ये डमी उम्मीदवार उतारकर बड़े खिलाड़ी वोटों का बांटने की कोशिश करते हैं। आंकड़े जब सामने आते हैं तो राजनीतिक पंडित विश्लेषण करते हैं। नया चुनाव सामने है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों ने वर्ष 2018 के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। उन्होंने पाया है कि पिछले चुनाव में 94 डमी उम्मीदवारों में किसी को भी 700 से अधिक वोट नहीं मिल पाए।

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अलवर

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susheel kumar

Oct 29, 2023

94 डमी उम्मीदवारों से ज्यादा वोट ले गया नोटा

94 डमी उम्मीदवारों से ज्यादा वोट ले गया नोटा

94 डमी उम्मीदवारों से ज्यादा वोट ले गया नोटा, बानसूर, राजगढ़ में सबसे ज्यादा मत मिले


- वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में खड़े हुए थे 156 उम्मीदवार, इनमें 33 ही प्रत्याशियों को अच्छे मत मिले

- 29 प्रत्याशी ऐसे निकले जो हर चुनाव में आजमाते हैं भाग्य, ये जिधर की हवा उधर के होे लेते
- इस बार भी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या 170 से अधिक पहुंचने के आसार

विधानसभा चुनाव जीतने के लिए राजनीति के धुरंधर चाल चलते हैं। इसी में शामिल है डमी कंडीडेट का पैंतरा। ये डमी उम्मीदवार उतारकर बड़े खिलाड़ी वोटों का बांटने की कोशिश करते हैं। आंकड़े जब सामने आते हैं तो राजनीतिक पंडित विश्लेषण करते हैं। नया चुनाव सामने है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों ने वर्ष 2018 के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। उन्होंने पाया है कि पिछले चुनाव में 94 डमी उम्मीदवारों में किसी को भी 700 से अधिक वोट नहीं मिल पाए। हैरत तो ये है कि इनसे अधिक मत नोटा ले गया। विश्लेषक कयास लगा रहे हैं कि इस बार डमी प्रत्याशियों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। कारण बता रहे हैं कि इस बार किसी भी सीट से चुनाव जीतना आसान नहीं है। मुकाबला रोचक होगा।


आंकड़ों को देखें तो पिछले चुनाव में 156 उम्मीदवार मैदान में थे। इसमें भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सपा के अलावा निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे। आंकड़ों के अध्ययन के मुताबिक 33 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनको 10 हजार से अधिक वोट मिले हैं। यानी जमानत बचाने में सफल हुए हैं। बाकी 29 उम्मीदवार ऐेसे हैं जो हर चुनवा में भाग्य आजमाते हैं। वह समय आने पर हवा के रुख की तरह जगह बदल लेते हैं। बाकी उम्मीदवार विश्लेषकों की नजर में डमी हैं। जो अपनी जमानत बचाने में भी सफल नहीं हो पाए। जानकार कहते हैं कि इस बार 11 विधानसभाओं में 170 से ज्यादा उम्मीदवारों के उतरने की संभावनाएं हैं, जिसमें डमी प्रत्याशियों की संख्या बढ़ सकती है। विश्लेषक मानते हैं कि यदि डमी प्रत्याशियों की संख्या में इजाफा होता है तो नोटा वोटों की संख्या में भी इजाफा होगा। 11 विधानसभाओं में 12480 मत नोटा को मिले थे।

सबसे अधिक प्रत्याशी खड़े थे मुंडावर व रामगढ़ से

पिछले चुनाव में सबसे अधिक प्रत्याशी मुंडावर से 23 व रामगढ़ से 21 खड़े थे। प्रत्याशियों की संख्या इतनी देखकर ही भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी रणनीति नहीं बना पा रहे थे। हालांकि उन्होंने भी इन सभी की काट निकाली। इसी तरह अलवर शहर में 18 प्रत्याशी मैदान में थे। वहीं तिजारा से 15 खिलाड़ी मैदान में थे।


ये हैं पिछले चुनाव के आंकड़े

विधानसभा कुल प्रत्याशी जमानत जब्त वाले प्रत्याशी नोटा

मुंडावर 23 17 400
बहरोड़ 10 5 1246

बानसूर 13 6 1966
थानागाजी 12 6 1278

अलवर ग्रामीण 14 10 1236
अलवर शहर 18 11 1081

रामगढ़ 21 16 241
राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ 12 6 2125

कठूमर 11 3 1071
किशनगढ़बास 7 4 980

तिजारा 15 10 856