
अब स्कूलों में बच्चों के साथ आएंगी माताएं, चखेंगी मिड्-डे- मील
अलवर. राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड्डे मील बच्चों को दिया जाता है। इसका लाभ कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राएं उठाती हैं। अब बच्चों की मां स्कूल में आएंगी और खाना चखेंगे। यदि खाने में स्वाद आदि नहीं होगा या गुणवत्ता ठीक नहीं होगी तो सुधार के लिए भी कहेंगी। माताएं आधी छ़ट्टी तक वहीं रहेंगी। हर रोज पांच बच्चों की माताएं स्कूल में प्रार्थना के समय पहुंचेंगी और मिड्डे मील चखेंगी। इसके लिए मुख्य सचिव उषा शर्मा ने आदेश जारी किए हैं।
जिले में मिडडे मील के माध्यम से छात्र-छात्राओं को स्कूलों से अधिक से अधिक जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में 2862 केन्द्रों पर ये खाना पहुंच रहा है। जो छात्र-छात्राओं की ओर से उपयोग किया जा रहा है। जिलेभर में 3 लाख 34 हजार छात्र-छात्राएं हैं जो इसका लाभ ले रही हैं।
इस तरह से रहेगी योजना
भोजन चखने के लिए सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों को सप्ताह भर का कैलेन्डर तैयार करना होगा। इसमें यह भी तय करना होगा कि किस बच्चे की माता को बुलाना है और कब। इसके लिए बच्चे की माता को एक दिन पहले सूचित किया जाएगा। माताएं प्रार्थना स्थल पर दूध आदि की व्यवस्थाओं को देखेंगी और इनके सुझाव रजिस्टर में लिखेंगी। आदेश में इसकी मॉनिटरिंग के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को नियुक्त किया है।
हो सकते है कई सुधार
विभाग की ओर से चलाई गई योजना अगर सफल होती है तो खाने की गुणवत्ता सुधरेगी। माताएं स्कूल में पहुंचेंगी तो बच्चों की पढ़ाई में भी सुधार देखने को मिलेगा। वहीं माताएं स्कूल में आएंगी तो लेट आने वाले शिक्षको पर भी कार्रवाई हो सकती है।
Published on:
03 Sept 2023 11:26 am
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