
अलवर. जिला परिषद में हुए लिपिक भर्ती फर्जीवाड़े की जांच अब स्वतंत्र अधिकारी की ओर से की जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा है कि उन अधिकारियों से जांच नहीं कराई जाए, जो पूर्व में भर्तीकाल में जिला परिषद में तैनात रहे हैं। अगर ऐसा किया जा रहा है तो यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। वहीं, सरकार ने भी अपना जवाब पेश कर कहा है कि यह जांच 30 जनवरी से अन्य अधिकारियों से करवाई जा रही है।
जिला परिषद में बड़े पैमाने पर लिपिक भर्ती फर्जीवाड़े सामने आने के बाद सरकार ने इसकी जांच जिला कलक्टर को सौंपी थी। उन्होंने एडीएम व एसडीएम के नेतृत्व में जांच टीम बनाई। टीम ने कई केस फर्जी पकड़े और उसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी। इस रिपोर्ट के बाद दो लिपिकों पर एक्शन लिया गया। उसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए कि जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला इस भर्ती के दौरान जिला परिषद में सीईओ के पद पर रही हैं। ऐसे में वे जांच नहीं कर सकती। इस पर कोर्ट ने कहा कि इसकी जांच स्वतंत्र अधिकारी या समिति से कराई जाए। उसी अधिकारी से इस मामले की जांच कराना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।
--
मैंने सरकार को कई बार लिखा था कि इस मामले की जांच दूसरे अधिकारी से करवाई जाए। उसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने सब साफ कर दिया।
बलबीर सिंह छिल्लर, जिला प्रमुख
Published on:
27 Feb 2026 11:41 am
बड़ी खबरें
View Allअलवर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
