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कनाड़ा से आए एनआरआई की रेवाड़ी में ट्रेन में जेब कटी

कनाडा से आए एक एनआरआई की रविवार रात्रि हिसार से रेवाड़ी आते समय जेब तराश ने ब्लेड से उनकी जेब काट ली। हैरानी की बात यह है कि उसी कोच में पुलिस मौजूद होते हुए उनकी जेब कट गई

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Shankar Sharma

Apr 19, 2016

Alwar photo

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रेवाड़ी.
कनाडा से आए एक एनआरआई की रविवार रात्रि हिसार से रेवाड़ी आते समय जेब तराश ने ब्लेड से उनकी जेब काट ली। हैरानी की बात यह है कि उसी कोच में पुलिस मौजूद होते हुए उनकी जेब कट गई। एनआरआई को उस समय एक और कटु अनुभव हुआ जब वे तड़के 3.30 बजे रेवाड़ी के रेलवे स्टेशन चौकी पर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो उन्हें यह कहकर टरका दिया गया कि सोमवार सुबह 10 बजे के बाद एफआईआर दर्ज होगी। आखिर में निराश एनआरआई बिना रपट दर्ज कराए सुबह पांच बजे गंतव्य को लौट गए।


जानकारी अनुसार नगर के तोपचीवाड़ा निवासी पीडी वधवा एक एनआरआई हैं और कनाड़ा में रहते हैं। बीती रात को वे हिसार वाली ट्रेन से बर्थ पर सोते हुए रेवाड़ी आ रहे थे तो किसी बदमाश ने उनकी जेब पर ब्लेड मार कर उसमें रखे 2500 रुपए निकाल लिए। जेब कटने के बाद वहां बैठे यात्रियों ने उन्हें यह कहकर जगाया कि उनका मोबाइल फोन जेब से निकल कर नीचे गिर गया है।

उन्होंने अपना मोबाइल फोन उठाया और जैसे ही जेब में रखा तो जेब कटने का आभास हुआ। रेवाड़ी रेलवे जंक्शन पर तड़के 3.30 बजे उतरने के बाद पीडी वधवा अपनी शिकायत रेवाड़ी रेलवे जंक्शन पर बने पुलिस शिकायत केन्द्र पर लिखवाने गए तो मौजूद पुलिसकर्मी ने उनकी रिपोर्ट यह कहकर लिखने से इंकार कर दिया कि आपकी रिपोर्ट प्रात: 10 बजे कम्प्यूटर ऑपरेटर के आने के बाद लिखी जाएगी। काफी अनुनय-विनय के बावजूद भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। रेवाड़ी स्थित अपने परिजनों के पास पहुंचे। वधवा ने बताया कि उन्हें जरूरी काम से सुबह ही दिल्ली जाना था। जिसके कारण उन्हें बिना एफआईआर दर्ज कराए ही दिल्ली को रवाना होना पड़ा। वधवा का कहना था कि उनके कोच में पुलिस गश्त कर रही थी। इसके बावजूद उनकी जेब का कटना व एफआईआर दर्ज न करना मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

इस बारे में जब रेलवे थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले की उन्हें अभी तक कोई जानकारी नहीं है। एफआईआर तुरंत दर्ज होनी चाहिए थी। इसके बावजूद वे इस मामले की जांच पड़ताल करेंगे।