बहरोड़. त्योहारी सीजन में प्याज के दाम लोगों के आंसू निकाल रहा है। बीते एक सप्ताह में प्याज के दाम 80 रुपए प्रतिकिलों पहुंच गए है। ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है। रोजमर्रा की जरूरत टमाटर के भाव नरम पडऩे के साथ ही प्याज के भावों ने ताव दिखाना शुरू कर दिया है।
बहरोड़. त्योहारी सीजन में प्याज के दाम लोगों के आंसू निकाल रहा है। बीते एक सप्ताह में प्याज के दाम 80 रुपए प्रतिकिलों पहुंच गए है। ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया है। रोजमर्रा की जरूरत टमाटर के भाव नरम पडऩे के साथ ही प्याज के भावों ने ताव दिखाना शुरू कर दिया है।
नवरात्र के बाद से प्याज के थोक व खुदरा भाव दोगुना तक बढ़ गए हैं। थोक मंडी में प्याज के भाव 25 रुपए से 55 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। जबकि खुदरा में प्याज ने 80 रुपए प्रति किलों तक बेचे जा रहे हैं। इससे गृहणियों का रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि पिछले सप्ताह आमजन के द्वारा प्याज भी कम खरीदी जा रही है।
थाली से गायब हुई प्याज: ऐसे में आम आदमी की थाली महंगी हो गई है। व्यापारियों की माने तो तीन साल बाद इन दिनों प्याज के भावों में तेजी आई है। यह तेजी फिलहाल बरकरार रहेगी। इसके असर से आगामी दीपावली त्योहार और शादियों के सीजन में प्याज महंगा ही बिकेगा। नए साल में भी प्याज के भावों में कमी आने की उम्मीद है।
कम मात्रा में खरीद रहे प्याज
पूर्व में लोगों को टमाटर और अन्य सब्जियों के दामों में गिरावट से राहत मिली थी,लेकिन अब प्याज के दाम बढऩा शुरू हो गए है। इससे एकाएक गृहणियों के रसोई का बजट बिगड़ गया है। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। लोग कम मात्रा में प्याज खरीद रहे है। सब्जी मण्डी में प्याज की कम आवक होने से दाम यकायक बढ़ गए है। लगातार बढ़ रही कीमतों से लोगों के थाली से प्याज गायब होने लगा है। इधर, प्याज के दाम बढऩे से घरों व होटलों से सलाद की प्लेट से प्याज गायब हो गया है। प्याज की जगह ग्राहकों को मूली का सलाद परोसा जा रहा है।
इस कारण आई तेजी
कस्बे में सब्जी विक्रेता गोपाल ने बताया कि व्यापारियों के पास प्याज का पहले का स्टॉक खत्म हो गया है और मांग अधिक होने से भी प्याज के भाव बढ़ गए है। मांग बढने से प्याज के दाम यकायक बढ़ गए है। आगामी दिनों में भी प्याज के दाम और बढऩे के आसार है।