
अलवर. नेशनल हाईवे नम्बर आठ पर शाहजहांपुर से आगे हरियाणा जाने वाले ओवरलोड वाहन अब बेरोकटोक दौडऩे लगे हैं। कल तक यहां टोल नाका लगा हुआ था, जिसपर करोड़ों की मंथली लेने के बदले ओवरलोड वाहनों को निकालने के खेल को पत्रिका ने उजागर किया था, लेकिन अब ओवरलोड वाहनों पर रोकथाम के उलट यहां से टोल नाके को ही हटा दिया, जिससे अब ओवरलोड वाहन खुलेआम सरपट दौड़ रहे हैं।
दो हजार ओवरलोड वाहन निकल रहे
जयपुर की तरफ से कोटपूतली, बहरोड़, शाहजहांपुर से खेड़ा बैरियर होते हुए ओवरलोड वाहन करीब 2000 से अधिक संख्या में निकल रहे थे। सबको नाका पार करने के लिए जोड़-तोड़ करना होता था। तभी तो नाके से पहले राजस्थान की सीमा में पांच किलोमीटर तक ओवरलोड वाहन खड़े रहते थे। फिर इन ट्रक व डम्परों को रात्रि के समय मौका देखकर निकाला जाता था। यह सब बड़े स्तर से अवैध वसूली का खेल था। जो बार-बार सरकार तक भी पहुंचा। लेकिन अब इस नाके से संभवतया राहत मिल गई है। या फिर सरकार कोई न कोई पारदर्शिता लाने के प्रयास में यह कदम उठाया है।
असर बहरोड़, कोटपूतली व शाहजहांपुर में भी इस टोल को उजागर करने वाली खबर के बाद बहरोड़, शाहजहांपुर व कोटपूतली में भी असर देखने को मिला। यहां भी किसी भी तरह के वाहनों की जांच नहीं हो सकी। पूरे दिन भर ओवरलोड वाहन बेरोकटोक चलते रहे। अब जरूरत है ओवरलोड वाहनों को रोकने के लिए तकनीक काम लेने की।
पत्रिका टीम चार दिन रही मौजूद
जयसिंहपुरा खेड़ा बैरियर नाका पर पत्रिका टीम ने चार दिन तक शाम को रुक कर ओवरलोड वाहनों को निकालने के खेल पर निगरानी रखी और नाके तथा ट्रक चालक-परिचालको के वीडियो, ऑडियो लिए और आसपास के ढाबों पर ठहर कर पूरे मामले को समझा। इसके बाद बुधवार शाम को वहां हरियाणा पुलिस ने स्टाफ को कम किया व वाहनों को रोकना बंद कर दिया था। गुरुवार सुबह समाचार प्रकाशित होने के बाद नाके को पूरी तरह हटाकर सभी स्टाफ को हटा लिया गया।
Published on:
27 Apr 2018 10:15 am
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