
प्रचार-प्रसार के अंतिम दिन उम्मीदवार व समर्थकों की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में दिनभर किया गया शक्ति प्रदर्शन।
जिले में अब चुनावी प्रचार थम गया है। अब प्रत्याशी बचे समय में घर-घर दस्तक दे रहे हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन गुरुवार को सभी राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी। प्रचार थमने के बाद निर्वाचन आयोग की पैनी नजर प्रत्याशियों पर है। प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की जानकारी ली जा रही है। 25 नवंबर को 11 विधानसभा के प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो जाएगा। सभी प्रत्याशियों की धडकऩें भी तेज हो गई हैं। वहीं सोशल मीडिया की टीम को सक्रिय कर दिया गया है। टीम की ओर से हर दिन दर्जनों वीडियो डाले और सभाओं के फोटो डालकर लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जार ही है। चुनाव आयोग के मुताबिक अब प्रत्याशी लाउडस्पीकर आदि से प्रचार-प्रसार नहीं कर पाएंगे। किस भी प्रकार का शोर नहीं होगा।
हर वार्ड में 20 लोगों की टीमें लगाईं
पार्टियों ने चुनावी शोर थमने के बाद अलग-अलग रणनीति बनाई है। भाजपा ने जहां वार्डों के अनुसार 20-20 लोगों की टीम घर-घर संपर्क के लिए उतारी है। वहीं कांग्रेस ने भी इसी तरह पर अपने कार्यकर्ता लगाए हैं। बताते हैं कि दो रात तक प्रत्याशी वोटरों के घरों पर ही प्रवास करेंगे। इन्हीं दो रातों में चुनावी माहौल बनाया जाएगा। पार्टियों के मुख्य सूत्रधार जिलाध्यक्षों के अलावा जिला प्रभारी, प्रवासीय सांसद रहे हैं। इसके अलावा 11-11 लोगों की टीमें भाजपा व कांग्रेस के पास मौजूद रही हैं। इस बार प्रत्याशियों ने किसी धर्मगुरु को सामने लाकर प्रचार नहीं किया। हालांकि वह आशीर्वाद लेने बाहर जरूर गए।
पलक झपकते ही मिलेंगे जवाब
सोशल मीडिया के लिए भाजपा ने अपने 11 प्रत्याशियों के प्रचार के लिए क्षेत्रीय मुद्दों को रखा। फेसबुक पेज पर अलग-अलग ढंग से प्रस्तुत किया। आईटी एक्सपर्ट लगाए। कोई किसी मामले में सवाल उठाता है तो जवाब आईटी एक्सपर्ट देंगे। वोटरों को संतुष्ट करने का काम करेंगे। युवा वोटर 10 लाख से अधिक है। सर्वाधिक जोर दो दिन तक पार्टियों का सोशल मीडिया के मंच पर ही है।
प्रचार-प्रसार के दौरान प्रत्याशियों ने गाडिय़ों में किया नाश्ता, रात महज 5 घंटे ही सो पा रहे
विस चुनाव में बाजी मारने के लिए कांग्रेस, भाजपा व अन्य दलों के प्रत्याशियों ने पूरी ताकत लगा दी। प्रत्याशियों की दिनचर्या बिगड़ गई। सुबह पांच बजे उठते और सुबह 7 बजे प्रचार पर निकल जाते। परिवार के सदस्य गाड़ी में ही नाश्ता रखते। जो चलते-चलते प्रत्याशी खाते हैं। लंच का समय कोई तय नहीं रहा। जहां भी मतदाता प्रत्याशियों को खाने के लिए कहते, वहीं खा लिया। प्रत्याशी रात 12 बजे घर पहुंच दो से पांच घंटे सो पा रहे है।
Published on:
23 Nov 2023 06:54 pm
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