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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मीन मलमास की शुरुआत हो चुकी है, जिसके चलते अगले 21 दिनों तक सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे संस्कार वर्जित रहेंगे। हालांकि, इस दौरान चैत्र नवरात्रि का आगमन भक्तों के लिए राहत लेकर आएगा।
ज्योतिषियों के मुताबिक, इस बार 19 मार्च को अमावस्या युक्त प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। ऐसा दुर्लभ संयोग पूरे 9 साल बाद देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के दौरान 'अबूझ मुहूर्त' होने के कारण कुछ विशेष शुभ कार्य किए जा सकेंगे। विशेषकर 26 मार्च को रामनवमी के पावन पर्व पर विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त रहेगा।
वर्तमान में ग्रहों की स्थिति काफी हलचल भरी है। शुक्र और शनि पहले से ही मीन राशि में विराजमान हैं। 18 मार्च की रात 11:36 बजे चंद्रमा के भी मीन राशि में प्रवेश करते ही वहां शुक्र, सूर्य, शनि और चंद्रमा का 'चतुर्ग्रही योग' बन जाएगा। इसी शक्तिशाली योग के बीच हिंदू नवसंवत्सर की शुरुआत होगी।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य, चंद्रमा और शनि के एक ही राशि में आने का व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। सोना और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना है। जलवायु परिवर्तन और बेमौसम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। देश-दुनिया के राजनीतिक पटल पर बड़े फेरबदल और अप्रत्याशित बदलाव के संकेत हैं।
Updated on:
15 Mar 2026, 11:29 AM IST
Published on:
15 Mar 2026, 11:29 AM IST
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