अलवर. भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो गए । शनिवार को दोयज का श्राद्ध रहा। पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध श्रद्धा के साथ किया जाता है। पितरों के प्रसन्न रहने से घर में सदा खुशहाली बनी रहती है। घरों में पितरों के निमित्त सब्जी, पूरी, मालपुए आदि बनाए गए। पितरों को तर्पण कर घर में बनाए गए पकवानों का भोग लगाया गया। पितरों के निमित्त गो माता, कौआ व कुत्ते को भी ग्रास दिया गया। इसके साथ ही बाजार में भी पितरों के लिए खास तौर से मालपुए और जलेबी तैयार किए जा रहे हैं। पितरों को खुश रखने के लिए पंडितों को भोजन करवाया जाता है। श्राद्ध पक्ष का समापन 14 अक्टूबर को देव पितृ अमावस्या को होगा। इस दिन बड़ा श्राद्ध होगा।