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फैक्ट्री पर नकली सरसों बनाकर असली में करते थे मिलावट, पुलिस ने बड़े गिरोह का किया भांडाफोड़, सरगना समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

Fake Mustard Making Business Exposed: पुलिस ने छापेमारी कर मौके से नकली सरसों बनाने की मशीनें, विद्युत मोटर और छलनी सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं।

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अलवर

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Akshita Deora

Apr 04, 2025

Rajasthan Crime News: नकली सरसों बनाने और सप्लाई करने वाले बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। एसपी के निर्देशन में कार्रवाई कर पुलिस टीम ने इस गिरोह के मुख्य सरगना सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर नकली सरसों बनाने वाली फैक्ट्री भी पकड़ ली।

गिरोह असली सरसों में मिलावट कर उसे बाजार में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर मौके से नकली सरसों बनाने की मशीनें, विद्युत मोटर और छलनी सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं।

राजस्थान पत्रिका ने गत 26 नवंबर के अंक में खबर को प्रमुखता से उठाते हुए इस काले कारनामें का भंडाफोड़ किया था। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद नैफेड के अधिकारियों ने भंडारण गृह खैरथल में जांच की। इस दौरान बड़े पैमाने पर मिलावटी सरसों मिलने से सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 जनवरी 2025 को मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच शुरू की गई।

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जांच में पता चला कि आरोपी रामगढ़ स्थित सहकारी क्रय विक्रय समिति से सरसों खरीदते थे और उसमें मिलावट कर वेयरहाउस खैरथल तक सप्लाई करते थे। कुछ आरोपी अपने घरों पर ही नकली सरसों तैयार कर बाजार में बेच रहे थे। गिरोह के तीन मुख्य सदस्य नकली सरसों बनाने और बेचने में साझेदार थे।

मामले की जांच कर रहे किशनगढ़बास वृत के पुलिस उपाधीक्षक राजेन्द्र निर्वाण ने बताया की पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपियों में नकली सरसों मिलाने में लिप्त माधो चौधरी, ट्रकों से असली सरसों उतारकर मिलावट करने वाला उन्नस खान, सप्लाई नेटवर्क संभालने वाला साहिल खान अपने घर पर नकली सरसों तैयार करने वाला सुरेश यादव, नकली सरसों उत्पादन में संलिप्त ओमप्रकाश शर्मा, मिलावटी सरसों के प्रमुख सप्लायर सुरेश चौधरी को गिरफ्तार किया है।

डीएसपी निर्वाण ने बताया कि परिवादी महेन्द्र सिंह रावत पुत्र रासा सिंह रावत निवासी प्लॉट नं. 18 अचल विहार मान्यावास मानसरोवर जयपुर हाल राज्य प्रमुख नैफेड राज. जयपुर ने मामला दर्ज कराया है। स्टॉक में नकली सरसों का मिश्रण मिला।

राजस्थान पत्रिका के खैरथल संस्करण में छपी खबर पर नेफेड के संज्ञान में आने के बाद 27 नवंबर को अधिकारियों ने राज्य भंडार गृह खैरथल में संयुक्त जांच की। जहां डिलीवरी होने के बाद 6 जनवरी तक 1450 कट्टे बचे। नकली स्टॉक का भंडारण कर राजकीय कोष को हानि एवं मानव जीवन को खतरे में पहुंचाने का घिनौना कृत्य किया जाना पाया।

नकली सरसों का धंधा राज्य के खाद्य सुरक्षा मानकों और उपभोक्ताओं की सेहत के लिए गंभीर खतरा था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। जिससे नकली सरसों की बिक्री पर रोक लगाई जा सकेगी।

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