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बदमाश गोली-पे-गोली दाग रहे, पुलिस पड़ रही कमजोर

- अलवर, भिवाड़ी, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ में नहीं पुलिस की अपनी फायरिंग रेंज- दिल्ली पुलिस की फायरिंग रेंज और पैरामिलट्री फोर्स के ट्रेनिंग सेंटर कर रहे चांदमारी

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अलवर

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Sujeet Kumar

Jan 11, 2024

बदमाश गोली-पे-गोली दाग रहे, पुलिस पड़ रही कमजोर

बदमाश गोली-पे-गोली दाग रहे, पुलिस पड़ रही कमजोर

अलवर. अपराध ने अलवर, भिवाड़ी, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों को चारों तरफ से घेरा हुआ है। दिल्ली, हरियाणा और उत्तरप्रदेश के हार्डकोर बदमाश यहां गोली पे गोली दाग कर दहशत फैला रहे हैं। पुलिस इन बदमाशों से मुकाबले में कमजोर पड़ रही है। इसके पीछे बड़ा कारण पुलिस के पास खुद की फायरिंग रेंज न होना है।

अलवर जिला अपराध दृष्टि से सुपर क्रिटिकल बन चुका है। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने अगस्त-2019 में भिवाड़ी को पुलिस जिला बना दिया था। वहीं, अगस्त-2023 में राज्य सरकार ने अलवर के टुकड़े कर खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ नए जिले बना दिए। कहने को तो पुराने अलवर जिले में अब चार एसपी बैठा दिए हैं और चारों पुलिस जिलों की कमान अलग-अलग कर दी हैं, लेकिन इनमें से किसी जिले में पुलिस के पास खुद की फायरिंग रेंज नहीं है। जिसके चलते पुलिस फायरिंग का पूरा अभ्यास नहीं कर पा रही। सरकारी खानापूर्ति के लिए इन चारों जिलों की पुलिस इधर-उधर उधारी की व्यवस्था में चांदमारी (फायरिंग) का अभ्यास कर रही है।

अलवर में पहले थी फायरिंग रेंज

कुछ साल पहले तक अलवर जिला पुलिस के पास खुद की फायरिंग रेंज हुआ करती थी, जो कि प्रतापबांध क्षेत्र के जंगल में थी, लेकिन कुछ साल पहले यह इलाका सरिस्का के बफर जोन में शामिल कर दिया गया था। यहां वन्यजीवों का विचरण बढ़ने के कारण पुलिस फायरिंग रेंज को यहां से खत्म कर दिया गया।

अब सभी उधारी की व्यवस्था से चला रहे काम

अलवर, भिवाड़ी, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलाें में करीब साढ़े तीन हजार की पुलिस नफरी है, लेकिन इन जिलों में पुलिस के पास खुद की फायरिंग रेंज नहीं है। अलवर जिला पुलिस रामगढ़ के बेराबास िस्थत आईटीबीपी ट्रेनिंग सेंटर में फायरिंग अभ्यास के लिए जाती है। वहीं, भिवाड़ी और खैरथल-तिजारा जिला पुलिस ने फायरिंग अभ्यास के लिए तिजारा के शेखपुर थाना इलाके अभनपुरा गांव िस्थत दिल्ली पुलिस की फायरिंग रेंज में जाती है। वहीं, कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस ने फायरिंग अभ्यास के लिए बहरोड़ के अनंतपुरा िस्थत सीआईएसएफ ट्रेनिंग सेंटर में व्यवस्था की हुई है।

साल में एक बार फायरिंग अभ्यास जरूरी

राजस्थान पुलिस के नियमानुसार प्रत्येक जिले में साल में एक बार सभी पुलिसकर्मियों को फायरिंग का अभ्यास करना अनिवार्य है। इसके लिए सभी जिलों में पुलिस अपनी-अपनी फायरिंग रेंज में वार्षिक चांदमारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है, लेकिन अलवर, भिवाड़ी और नए जिले खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ में फायरिंग रेंज के अभाव में सभी पुलिसकर्मी सालाना फायरिंग का प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं।

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अब कराएंगे चांदमारी

जिला पुलिस की ओर से चांदमारी अभ्यास रामगढ़ के बेराबास िस्थत आईटीबीपी ट्रेनिंग सेंटर में किया जाता है। अब जनवरी माह में पूरी पुलिस नफरी को चांदमारी कराई जाएगी।
- तेजपाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) , अलवर

जमीन अलॉट हुई

फिलहाल अभनपुरा िस्थत दिल्ली पुलिस की फायरिंग रेंज में चांदमारी की जा रही है। भिवाड़ी पुलिस को फायरिंग रेंज के लिए खिदरपुर में जमीन अलॉट हो चुकी है। खुद की फायरिंग रेंज बनने के बाद और बेहतर तरीके से फायरिंग अभ्यास किया जा सकेगा।

- दिलीप सैनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भिवाड़ी।