अलवर

पुलिस को मिली हाईटेक डिवाइस, अब आसानी से पकड़े जाएंगे बदमाश

नौगांवा क्षेत्र सहित अलवर जिले में किसी भी तरह के अपराध में शामिल आरोपियों को पकड़ने व अपराध से संबंधित साक्ष्य जुटाने में अब पुलिस को पसीना नहीं छूटेगा। नए कानून के तहत हर गंभीर मामले में डिजिटल साक्ष्य जुटाना अब पुलिस के लिए आसान होगा।

2 min read
May 12, 2025
फोटो - प्रतीकात्मक है

नौगांवा क्षेत्र सहित अलवर जिले में किसी भी तरह के अपराध में शामिल आरोपियों को पकड़ने व अपराध से संबंधित साक्ष्य जुटाने में अब पुलिस को पसीना नहीं छूटेगा। नए कानून के तहत हर गंभीर मामले में डिजिटल साक्ष्य जुटाना अब पुलिस के लिए आसान होगा। इसके लिए स्टेट क्राइम ब्यूरो की ओर से प्रदेश के थानों को हाईटेक डिवाइस उपलब्ध कराई गई हैं, जो ई-साक्ष्य जुटाने में पुलिस की सहायता करेगा।

गौरतलब है कि बढ़ते आपराधिक मामलों के चलते पुलिस के पास संसाधनों की कमी खल रही थी। हत्या, बलात्कार, डकैती, पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में घटनास्थल की अनिवार्य वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के लिए पुलिस को मोबाइल का सहारा लेना पड़ रहा था। ऐसे में सूबे की सरकार ने पुलिस को एक स्मार्टफोन जैसी हाईटेक डिवाइस की सौगात दी है, जो हर मौसम में अच्छा काम करेगी।

अब तक ऐसे चल रहा था काम

1 जुलाई 2024 से नए कानून के तहत हर गंभीर मामले में डिजिटल साक्ष्य जुटाना अनिवार्य हो गया था, लेकिन पुलिस के पास न जरूरी डिवाइस थे और न ही स्टोरेज की सुविधा। अक्सर पुलिसकर्मियों को अपने निजी मोबाइल से वीडियोग्राफी करनी पड़ती थी। कई बार तो इंटरनेट और मेमोरी की समस्या से जांच बाधित हो जाती थी। इन्हीं समस्याओं व चुनौतियों के बीच उन्हें कार्य करना पड़ रहा था।

डिवाइस करेगा बेहतरीन कार्य

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह डिवाइस ऐसे स्मार्टफोन हैं, जो धूल, पानी, गर्मी, झटकों और खराब मौसम में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। पुलिस इसका घटनास्थल पर फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग और सबूत जुटाने के लिए उपयोग करेगी। इस तकनीक की सहायता से अब डिजिटल साक्ष्य जुटाने का काम और आसान हो जाएगा। अधिकारियों की माने तो अलवर जिले के 20 थानों को ये डिवाइस उपलब्ध कराई गई है।

साक्ष्य जुटाने में आसानी प्रदान करेंगे

अलवर जिले के 20 पुलिस थानों में स्मार्टफोन जैसे डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं, जो पुलिस को घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने में आसानी प्रदान करेंगे और इन साक्ष्यों को ई-साक्ष्य ऐप पर सब्मिट करने पर सीधे न्यायालय के पास चले जाएंगे। -डॉ. तेजपाल सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अलवर

यह भी पढ़ें:
राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित हुआ कार्यक्रम… बड़े खुशनसीब होते हैं वो लोग जिनकी मां होती है

Published on:
12 May 2025 12:23 pm
Also Read
View All

अगली खबर