
किराना व्यापारी की हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी में भले ही पुलिस अब तक नाकामयाब रही है, लेकिन सच्चाई ये है कि मामले के खुलासे में पुलिस अपनी पूरी जान झोंक रखी है। पुलिस की टीमें रात-रात भर अपराधियों के संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। रविवार रात भी पुलिस बहरोड़ क्षेत्र से तीन-चार संदिग्धों को लेकर लाई और पूरी रात खुद जिला पुलिस अधीक्षक ने उनसे पूछताछ की। संदिग्धों से पूछताछ में पुलिस इस बात का भी ध्यान रख रही है कि किसी निर्दोष के साथ बुरा न हो। पुलिस के सामने सबसे बड़ी परेशानी ये है कि किराना व्यापारी के हत्यारों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। दरअसल, अपराधियों ने मुंह पर कपड़े बांधे हुए थे। रात के अंधेरे के चलते उनकी बाइक के नम्बर भी पहचान में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस के लिए यह एक प्रकार से ब्लाइंड मर्डर बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो व्यापारियों से ज्यादा पुलिस मामले में गंभीर है।
बाहर के हैं अपराधी
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि व्यापारी की हत्या करने वाले बदमाश बाहर के थे, जो पिछले कुछ दिनों से कस्बे में रह रहे थे। हत्या से पूर्व इन्होंने व्यापारी की रैकी भी की। पुलिस मामले में बाहरी राज्यों के अपराधियों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। जिला पुलिस अधीक्षक के अनुसार मामले के खुलासे के लिए पुलिस की 12 टीमें गठित की गई हैं, जो रात-रातभर संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
व्यापारी की हत्या के मामले में गृहमंत्री से अपराधियों की गिरफ्तार की मांग
अलवर. किशनगढ़बास विधायक रामहेत यादव खैरथल मामले को लेकर सोमवार को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया एवं गृह सचिव दीपक उप्रेती से मिले। इस दौरान विधायक यादव ने गृहमंत्री एवं गृह सचिव को व्यापारियों की ओर से दिए गए मांग पत्र सौंपे और बताया कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को अभी तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
Published on:
13 Mar 2018 11:04 am
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