
मेवात विकास बोर्ड अध्यक्ष का पद जा सकता है भरतपुर के खाते में
- मुख्यमंत्री का गृह जिला है भरतपुर, इस जिले के पास ये पद शुरू से लेकर अब तक नहीं रहा
- बोर्ड गठन से लेकर अब तक भाजपा व कांग्रेस के कार्यकाल में दो ही अध्यक्ष बने, ये दोनों अलवर से
- इस योजना में अलवर व भरतपुर जिले ही शामिल, हर साल 30 करोड़ से अधिक के काम होते हैं पास
मेवात विकास बोर्ड का गठन हुए करीब 43 साल हो गए लेकिन इस बोर्ड का अध्यक्ष दो ही बार बनाया गया। अध्यक्ष पद पर अलवर के लोगों का कब्जा रहा लेकिन इस बार ये पद भरतपुर के हिस्से में जा सकता है। माना जा रहा है कि सीएम भजन लाल शर्मा का ये गृह जिला है। ऐसे में अपने जिले को महत्वपूर्ण पद से वह नवाज सकते हैं। साथ ही भरतपुर के हिस्से में अध्यक्ष पद आज तक नहीं गया। ऐसे में उस जिले की संभावनाएं ज्यादा नजर आ रही हैं। हालांकि यहां के नेता भी इस पद के लिए जोर लगा रहे हैं। वह अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। दौड़-भाग भी कर रहे हैं।
मेवात विकास बोर्ड का गठन 1980 में किया गया। इस बोर्ड का उद्देश्य है कि मेव बाहुल्य इलाकों का विकास करना। मेव बाहुल्य इलाकों में अलवर व भरतपुर जिले ही आते हैं। इस बोर्ड का एक अध्यक्ष होता है जिसे मुख्यमंत्री नामित करते हैं लेकिन बोर्ड को दो ही बार अध्यक्ष मिला। वर्ष 2007 में भाजपा सरकार ने अलवर के नसरू खान को अध्यक्ष बनाया और उसके बाद कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2022 में रामगढ़ के विधायक जुबेर खान को अध्यक्ष बनाया। बाकी कार्यकाल में ये पद पंचायती राज मंत्री के पास ही रहा। इस बोर्ड के तहत हर साल 30 करोड़ से अधिक रुपए विकास के लिए मंजूर होते हैं। बताया जाता है कि भाजपा के राज में इन इलाकों के विकास के लिए सर्वाधिक रकम मंजूर हुई लेकिन कांग्रेस के राज में आकर कुछ रकम कम हुई। अब अलवर के नेता इस पद के लिए दौड़भाग में जुटे हैं। ये दर्जा राज्यमंत्री का पद माना जाता है।
Published on:
21 Dec 2023 11:36 am

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