
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (131 वां संशोधन विधेयक) के लोकसभा में पारित न होने के बाद देश भर में सियासी पारा गरमाया हुआ है। इसी क्रम में अलवर पहुंचीं पूर्व विधायक अनीता गुर्जर ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को रोकने का गंभीर आरोप लगाया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अनीता गुर्जर ने कहा कि 17 अप्रेल 2026 की तारीख भारतीय राजनीति के इतिहास में एक 'काला दिवस' के रूप में दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस दिन कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर आधी आबादी को उनका हक मिलने से वंचित कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का यह दृढ़ संकल्प था कि 2029 तक देश की संसद में हमारी बहनें सशक्त होकर नेतृत्व करेंगी, लेकिन कांग्रेस ने संसद में इस बिल के खिलाफ वोट डालकर महिलाओं के सपनों को कुचलने का काम किया है।
अनीता गुर्जर ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नारे 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पार्टी देश में महिलाओं के हक में बड़े-बड़े नारे लगाती है, उसी की पार्टी ने संसद में महिलाओं के पैरों में बेड़ियाँ डाल दी हैं। उन्होंने कहा कि यह महज एक तकनीकी विरोध नहीं है, बल्कि देश की करोड़ों माताओं और बहनों के सपनों की हत्या है। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस आखिर किस मुंह से खुद को महिला हितैषी बताती है, जब उसने स्वयं ही महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने से रोकने का कार्य किया है।
भाजपा नेता ने स्पष्ट कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का पारित होना देश की आधी आबादी के लिए एक ऐतिहासिक कदम होता। यदि यह अधिनियम पारित हो जाता, तो राजनीति की मुख्यधारा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों का एकमात्र उद्देश्य महिलाओं को नेतृत्व करने से रोकना है, जो उनके पुराने 'महिला विरोधी' चरित्र को दर्शाता है। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Updated on:
25 Apr 2026 01:43 pm
Published on:
25 Apr 2026 01:43 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
