
अलवर/बहरोड़. हरियाणा व अलवर की सीमा से लगते क्षेत्रों में अपराधों पर अंकुश के लिए अब हरियाणा व राजस्थान की पुलिस सूचनाएं साझा करेगी।
सोमवार को नीमराणा में आयोजित दोनों प्रांतों के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों की बैठक में यह तय किया गया। बैठक में अपराधों पर नियंत्रण के लिए संयुक्त कार्रवाई एवं एक-दूसरे के क्षेत्र में अपराध कर शरण लेने वाले अपराधियों पर नकेल कसना भी तय किया गया। इस दौरान अलवर लोकसभा उपचुनाव में भी दोनों प्रांतों की पुलिस के बीच समन्वय बनाकर एक-दूसरे को सहयोग करना भी तय किया गया। बैठक में जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हेमन्त प्रियदर्शी ने अलवर लोकसभा उपचुनाव में शांति व्यवस्था को लेकर राजस्थान व हरियाणा बॉर्डर पर आपराधिक गतिविधियों पर विशेष नजर रखने व चुनाव में शांतिपूर्ण तरीका अपनाने सम्बन्धित बिंदुओं पर चर्चा की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर आपसी सूचनाएं साझा करने के लिए कहा। जिले के पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र में विशेष ध्यान रखने, राजस्थान हरियाणा सीमा पार होने वाली तस्करी पर रोक लगाने, आपराधिक घटनाओं को रोकने, अवैध रकम आवागमन, अवैध शराब बिक्री रोकने, चिह्नित बदमाशों की धरपकड़ करने के लिए थानाधिकारियों को सतर्कता बरतने और शांतिपूर्वक लोकसभा उपचुनाव करवाने पर विशेष जोर देने को कहा।
बैठक में हरियाणा के रेवाड़ी जिला एसपी संगीता कालिया, नूहं मेवात एसपी नाजमीन वसीम, महेन्द्रगढ़-नारनौल एसपी कमल दीपक, अलवर एसपी राहुल प्रकाश, भिवाड़ी एएसपी पुष्पेन्द्र सोलंकी, नीमराणा एएसपी हिमंाशु, डीएसपी जनेश सिंह तंवर सहित जिला आसपास क्षेत्र के सभी थाना अधिकारी उपस्थित रहे।
गोतस्करी बड़ी चुनौती
राजस्थान व हरियाणा पुलिस के लिए गोतस्करी इन दिनों सबसे बड़ी समस्या है। पिछले कुछ माह में गोतस्करी की वारदातें काफी हद तक बढ़ी है। गोतस्करी का सीधा जुड़ाव हरियाणा व मेवात क्षेत्र से है, इसलिए गोतस्करी को रोकने के लिए राजस्थान व हरियाणा पुलिस का साथ आना कानूनी व्यवस्था के लिहाज से काफी सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
Published on:
16 Jan 2018 04:29 pm
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