
रात 12 बजे ही थम गए रोडवेज के पहिए, यात्रियों को होना पड़ेगा परेशान
अलवर. जैसे ही मंगलवार रात के 12 बजे रोडवेज बसों के पहिये एकाएक थम गए। बस स्टैण्ड पर जो बस जहां थी, वहीं खड़ी रह गई। बसों के इंतजार में खड़ी सवारियों को भी बैरंग लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशान बाहर से आए यात्रियों को हुई। बसों के नहीं चलने से रात्रि में आशियाना खोजने में उन्हें परेशानी हुई। इस दौरान कई यात्री बस स्टैण्ड पर ही रुके रहे और आंखों ही आंखों में रात काटी। उधर, राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 13 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार रात 12 बजे से रोडवेज कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए।
इससे पूर्व मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने दो दिवसीय धरना दिया जो रात 12 बजते ही दो दिवसीय प्रदेश व्यापी हड़ताल में परिवर्तित हो गया। इससे जो बस जहां थी वहीं खड़ी रह गई। रोडवेज के अलवर आगार के मुख्य प्रबंधक मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मार्ग पर चल रही बसों को सुरक्षा की दृष्टि से संबंधित डिपो की वर्कशॉप व थानों में खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। हड़ताल में
बीएमएस शामिल नहीं है। उनके चालक-परिचालकों को भी अपनी रिस्क पर बसों को ले जाने की कहा गया है।
204 मार्गों पर नहीं होगा संचालन
मुख्य प्रबंधक के अनुसार रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से अकेले अलवर के मत्स्य नगर व अलवर आगार के 204 मार्गो पर बसों का संचालन प्रभावित रहेगा। हड़ताल से रोडवेज के इन दोनों डिपो को ही दो दिन में बसों का संचालन नहीं होने से लगभग 60 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान होगा।
ट्रेनों में रह सकती है भीड़भाड़
बसों की हड़ताल से ट्रेनों में भीड़भाड़ रहने की भी संभावना हैं। दो दिन उन्हें निजी वाहन अथवा डग्गेमार वाहनों में यात्रा करनी पड़ेगी। अथवा अपनी यात्रा को निरस्त करना पड़ेगा।
Published on:
25 Jul 2018 03:25 pm
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