
भिवाड़ी. कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी व अन्य।
भिवाड़ी. त्योहारों के अवसर पर एवं उनके उपलक्ष्य में आयोजित किए जाने वाले धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों का बड़ा महत्व है। ऐसे कार्यक्रम जहां युवा पीढ़ी को भारतीय पौराणिक विरासत, संस्कृति व संस्कारों के कई रंगों से रू-ब-रू कराते हैं, तो नन्हे-मुन्ने बच्चों सहित प्रतिभागियों में प्रतिस्पर्धा के साथ जीत की भावना भी विकसित करते है। साथ ही सभी के जीवन में उमंग भरते हैं।
श्रद्धा का प्रतीक श्रावण माह पूर्ण होने के बाद भाद्रपद माह भी कई त्योहारों को अपने में समेटे हुआ है। इस दौरान पूरे माह आस्था की बयार बहती है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जहां विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव के रूप में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। जिसके तहत मध्यरात को मंदिरों में झांकियां, पूजा, आरती, प्रसाद वितरण व उपवास खोलने आदि के क्रम चलते रहते हैं, तो इसके अगले ही दिन नवमी तिथि को गोगा नवमी को गोगाजी की पूजा को लेकर धूम रहती है। इस माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थ तिथि को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दौरान विघ्नहर्ता मंगल कर्ता भगवान श्रीगणेशजी के दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव पर आरती, प्रसाद वितरण, लक्खी मेलों के आयोजन होते हैं और इसके ठीक सात दिन बाद शुक्ल पक्ष की एकादशी को जलझूलनी एकादशी मनाई जाती है। जिस दौरान सभी मंदिरों से भगवान की सजी-संवरी डोलयात्राएं निकाली जाती है और ठाकुरजी को भ्रमण कराया जाता है।
पर्यूषण पर्व की भी रहती धूम
भाद्रपद माह जैन धर्मावलंबियों के लिए भी अति महत्व का महीना है। इस पूरे माह में जिनालयों में धार्मिक आयोजनों की धूम रहती है। विशेषकर पर्यूषण पर्व के तहत तीज रोठ पर्व, दश लक्षण पर्व के दौरान नित्य पूजा, अनुष्ठान, अभिषेक, जैन संतों के प्रवचन सहित आरती और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत धार्मिक-सांस्कृतिक ज्ञानवर्धन के साथ विभिन्न मनोरंजनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है। इसके बाद तेला उपवास-व्रत और फिर आश्विन माह की प्रतिपदा को क्षमा याचना दिवस मनाया जाता है। जिसमें सालभर में जाने-अनजाने में हुई मानवीय भूल के लिए एक-दूसरे से क्षमा याचना की जाती है। फिलहाल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में धार्मिक कार्यकर्मों के आयोजन का क्रम जारी है। इसी सिलसिले में पुलिस जिला भिवाड़ी क्षेत्र की विभिन्न सोसायटियों में जन्माष्टमी महोत्सव के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिनमें सोसायटीवासियों के साथ बालक भी बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं। कार्यक्रमों में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाता है। यहां की पीयूष सोसायटी में हुए कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने नृत्य, गायन आदि विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अलावा नाटक मंचन तथा झांकियों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। महिलाओं ने भी भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर कई दिनों से बालकों तथा अन्य प्रतिभागियों को प्रस्तुतियों के लिए तैयारी कराई जा रही थीं। इस दौरान समस्त सोसायटी वासियों के लिए जलपान, भंडारा प्रसाद की भी व्यवस्था की गई। अंत में करीब 40 विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति-पत्र देकर उनका उत्साह वर्धन किया।
नन्हों ने प्रस्तुतियों से मोहा मन
तिजारा. कस्बे स्थित श्याम मंदिर में भी नंदोत्सव मनाया गया। जिसमें धार्मिक प्रस्तुतियां दी गई। सभी प्रतिभागियों को अतिथियों की ओर से पुरस्कृत किया गया। श्याम मंदिर प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष अभयसिंह ने बताया कि मंदिर कमेटी की तरफ से अतिथियों का स्वागत किया गया। भगवान कृष्ण के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। बधाई गान के बीच भक्तिमय माहौल में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। नन्हे बच्चों ने राधा-कृष्ण के रूप में सुंदर प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालु भी कार्यक्रम में खूब थिरके। सांस्कृतिक कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों को पुरस्कार वितरित किए। इस दौरान सभी बच्चे प्रसन्न नजर आए। आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
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Published on:
22 Aug 2022 12:47 pm
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