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सर्प को रेस्क्यू कर सरिस्का जंगल में छोड़ा,,,,देखें वीडियो

रसैल वाईपर सर्प रात में ज्यादा रहता है सक्रिय

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अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना के समीपवर्ती थानागाजी में एक घर में रात्रि को सांप निकलने पर हडक़ंप मच गया। सूचना पर सरिस्का सदर रेंजर जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में टीम ने पहुंचकर सर्प का रेस्क्यू किया और उसे सरिस्का जंगल में छोड़ा गया।


जितेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि थानागाजी में आधी रात को सोहनलाल पुत्र रामजीलाल सैनी ने सूचना दी कि घर में सांप आ गया है। इस पर सरिस्का रेस्क्यू टीम ने पहुंचकर मकान के बाहर टीन शेड में बैठे रसैल वाईपर (करेत सांप) का रेस्क्यू किया और रात में ही सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।

रसैल वाईपर (करेत सांप) हर जगह पाया जाता है। किसी और सांप के मुकाबले इसमें सबसे ज्यादा जहर होता है। यह ढसने से पहले जोर से फुफकारता है। इसकी बाइट से एक हिमोटॉक्सिन रिलीज होता है जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम को पंगु कर देता है। रसेल वाइपर काटे तो इंटरनल ब्लीङ्क्षडग होती है। दिमाग में तेज दर्द उठता है और ब्रेन हेमरेज हो जाता है। व्यक्ति की मौत तक हो जाती है। रसैल वाईपर रात में ज्यादा सक्रिय रहता है।