
नौगांवा में पंजाबी विषय की त्रुटिपूर्ण पोर्टल मैपिंग, एक दशक से विद्यार्थी वंचित
नौगांवा. शिक्षा विभाग की चूक का खमियाजा करीब दस वर्षों से तृतीय भाषा पंजाबी भाषा के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। राज्य सरकार की ओर से दो दशक से भी पहले विद्यालयों में तृतीय भाषा के रूप में पंजाबी विषय के पद स्वीकृत किए थे, लेकिन विभाग के शाला दर्पण पोर्टल पर हुई मैपिंग की त्रुटि के कारण पंजाबी विषय की जगह तृतीय भाषा उर्दू विषय अंकित कर दिया गया।
इतना ही नहीं, विभाग ने उसी आधार पर उर्दू विषय के अध्यापक की नियुक्ति भी कर दी। परिणामस्वरूप पंजाबी विषय के विद्यार्थी शिक्षक के अभाव में पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। इस त्रुटि को हुए 10 साल से भी ज्यादा का समय बीत गया, लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे संशोधन करने की जहमत तक नहीं उठाई। अब अभिभावक और विद्यार्थी विद्यालय में दोनों विषयों की स्वीकृति की मांग कर रहे है, जिससे दोनों विषयों की पढाई विद्यालय में कर सके और उन्हें इन विषयों की पढाई के लिए अन्यत्र नहीं जाना पड़े।जिले के 26 सरकारी विद्यालयों में तृतीय भाषा की स्वीकृति
गौरतलब है कि वर्ष 2002 में मुबारिकपुर और नौगांवा सहित जिले के 26 सरकारी विद्यालयों में तृतीय भाषा की स्वीकृति हुई, जिसमें नौगांवा और मुबारिकपुर में पंजाबी विषय के पद स्वीकृत हुए, लेकिन शाला दर्पण पोर्टल प्रारम्भ होने पर इसे तृतीय भाषा उर्दू विषय के रूप में दर्ज कर दिया। मुबारिकपुर महात्मा गांधी विद्यालय ने विभागीय पत्राचार के माध्यम से वर्ष 2019 में यह त्रुटि पहले ही ठीक करा ली, जबकि नौगांवा के महात्मा गांधी विद्यालय में आज भी शाला दर्पण पोर्टल पर पंजाबी विषय के स्थान पर उर्दू विषय ही दर्शाया जा रहा है। उर्दू विषय के शिक्षक की नियुक्ति भी कई वर्षो से विद्यालय में हुई पडी है।
विद्यार्थी अन्यत्र निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने को मजबूरउक्त त्रुटि के कारण पंजाबी विषय के विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाई में परेशानी उठानी पड़ रही है, बल्कि कई विद्यार्थियों को अन्यत्र निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मांग की है कि विभाग जल्द से जल्द पोर्टल में संशोधन कर पंजाबी विषय की स्वीकृति बहाल करे। साथ ही उर्दू विषय की अलग से स्वीकृति भी दी जाए, ताकि दोनों विषयों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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एसडीएमसी से प्रस्ताव लेकर भिजवाएं
विद्यालय संस्था प्रधान की ओर से इस विषय में एसडीएमसी से प्रस्ताव लेकर भिजवाया जाएं, जिसके आधार पर विभागीय स्तर पर संशोधन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।महेश मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी, अलवर।
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शिक्षा मंत्री से बात करेंगे
मामले की जानकारी लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षा मंत्री से बात कर संशोधन कराने के प्रयास किए जाएंगे। जिससे समस्या का समाधान हो सके।
सुखवन्त सिंह, विधायक रामगढ़।
Published on:
23 May 2026 12:13 am
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