
सीमेंट फैक्ट्रियों से उड़ती धूल से सांस लेना मुश्किल
बहरोड़. कस्बे में हाइवे स्थित औद्योगिक क्षेत्र के सामने से निकलने वाली रीको की सड़क पर सीमेंट फैक्ट्रियों से उड़ती धूल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। यह धूल कच्ची सड़क पर जमा हो जाती है। वाहन गुजरने पर धूल का गुबार काफी देर तक रहता है जिससे सांस लेना दूभर हो जाता है। हाइवे स्थित सर्विस लेन के साइड में करीब आधा दर्जन सीमेंट की फैक्ट्रियां हैं। फैक्ट्रियों से सीमेंट का बुरादा सड़क पर आकर जमा हो जाता है। वहीं कर्मचारी खराब सीमेंट के अपशिष्ट को भी सड़क पर डाल रहे है, जिससे यह मिट्टी मिल जाती है। इस सड़क से दुपहिया व चौपहिया के अलावा ट्रांसपोर्ट कंपनियों से आने वाले ट्रक आदि भारी वाहन भी गुजरते हैं। भारी वाहनों के गुजरने पर सीमेंट मिली धूल उड़ती है, जिससे आंखों में जलन व सांस लेने में दिक्कत होती है।
हादसे का अंदेशा
सर्विस लेने से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालकों को अधिक परेशानी होती है। धूल के कारण कई बार आगे चल रहे वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देते जिससे दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। वहीं राहगीरों को आने जाने में परेशानी होती है। साथ ही दुर्घटना होने का अंदेशा हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों की माने तो कई बार इस क्षेत्र में उडने वाले धूल के गुब्बार के कारण दुर्घटना हो चुकी है।
लोगों में अस्थमा की शिकायत
कच्चे सड़क मार्ग पर उड़ती सीमेंट भरी धूल के बीच सांस लेना मुश्किल है। यहां गुजरने वाले लोगों व फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को धूल के कारण अस्थमा की शिकायत होने लगी है। वहीं आंखों में धूल जाने से रोशनी जाने का डर बना रहता है। कई सालों से चली आ रही इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कस्बा व उद्योग क्षेत्र के लोगों ने सीमेंट कम्पनियों के संचालको पांबद करवाने की मांग करते हुए प्रदूषण नियत्रण विभाग से इस ठोस कदम उठाने की मांग की है।
Updated on:
03 Dec 2017 11:20 am
Published on:
03 Dec 2017 11:17 am
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