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बंकर व अंडरग्राउंड हॉस्टल में रह रही राजस्थान की छात्राएं, धमाकों की आवाज से सहम जाती है, रास्ते पर दिख रहे टैंक

हॉस्टल में रहने वाले सभी विद्यार्थियों को बिल्डिंग के अंडरग्राउंड के कमरों में शिफ्ट कर दिया गया है। हॉस्टल से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Feb 26, 2022

Russia-Ukraine War: Rajasthan Student Living In Bunkers Of Ukraine

बंकर व अंडरग्राउंड हॉस्टल में रह रही राजस्थान की छात्राएं, धमाकों की आवाज से सहम जाती है, रास्ते पर दिख रहे टैंक

अलवर. यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच फंसे भारतीय छात्रों में अलवर के भी कई युवा शामिल हैं। मेडिकल की पढ़ाई करने गए युवाओं के परिजन चिंतित हैं। वे किसी भी हाल में अपने बच्चों को सुरक्षित देखना चाहते हैं। हालांकि दो दिनों में दो छात्र व एक छात्रा यूक्रेन से लौटे हैं, लेकिन अब भी कई छात्र मुश्किलों में है। अलवर में उनके परिजन वीडियो कॉल के माध्यम से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।

बम धमाकों से सहम जाते हैं बच्चे

शहर के स्कीम नं. 2 निवासी सलोनी भार्गव रूस बॉर्डर से 40 किलोमीटर दूरी पर स्थित यूक्रेन के खारकीव शहर में होस्टल में फंसी हुई है। सलोनी ने परिजनों को बताया कि हॉस्टल में रहने वाले सभी विद्यार्थियों को बिल्डिंग के अंडरग्राउंड के कमरों में शिफ्ट कर दिया गया है। हॉस्टल से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा। यहां कफ्र्यू लगा हुआ है। दिन में कई बार बम धमाकों की आवाज सुनाई पड़ती है, जिससे सभी बच्चे सहम जाते हैं।

इधर, अलवर में सलोनी के माता पिता और परिवार वाले काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि सलोनी पहली बार घर से बाहर निकली है, अभी दो महीने पहले ही यूक्रेन गई थी, इसलिए उनको बहुत चिंता हो रही है। परिजन दिन में कई बार उससे वीडियो कॉल पर बात करते हैं। सलोनी से बात करते समय पिता अंकुर भार्गव, मां निधि और दादी कविता भार्गव भावुक हो गए।

पड़ोसी देशों के रास्ते वापस लाने की तैयारी

यूक्रेन के जफरोजिया शहर में पढ़ रही अलवर की छात्रा नेहा वर्मा भी हॉस्टल के कमरे में कैद है। नेहा बताती है कि उनके समीप के शहर यूक्रेन के खारकीव में बमबारी हो रही है। बच्चे डर से सहमे हुए हंै। शहरों में मार्शल लॉ लागू हो गया है। यूनिवर्सिटी डीन डॉ. दिव्या द्वारा उन्हें सूचना मिली है कि भारतीय दूतावास की सीमा स्थित रोमानिया और अन्य 4 देशों से बात चल रही है, ताकि भारतीय छात्रों को उनके रास्तों से सुरक्षित घर पहुंचाया जा सके। दूतावास की ओर से छात्रों की लिस्ट मांगी गई है। छात्रों को दस्तावेज तैयार रखने के नोटिस दिए गए हैं, जिससे उन्हें कभी भी घर भेजा जा सकता है। इसलिए तैयारी पूरी रखें।

यूक्रेन से सकुशल लौटी छात्रा, परिजनों ने स्वागत कर मनाई खुशी

रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच टहला क्षेत्र के घाटडा निवासी कनिका स्वामी शुक्रवार को सकुशल अपने घर पहुंची। बच्ची को देख परिजन काफी खुश हुए और फूल-माला पहनाकर उसका स्वागत किया। कनिष्का यूक्रेन के कीव शहर में नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा है। उनके दादा महंत जयराम दास ने बताया कि कनिका पौती की चिंता में भूख-प्यास मर गई थी, उसे देख राहत की सांस ली है।

कनिका ने बताया कि वह सितंबर 2021 में यूक्रेन गई थी, तब वहां सामान्य माहौल था। लेकिन 14 फरवरी के बाद से ही युद्ध की आहट सुनाई पडऩे लगी थी। ऐसे में वहां एक मिनट भी रहना मुश्किल हो रहा था। चार दिन के प्रयास के बाद विमान मिला। कनिका के गांव पहुंचने पर दादी शकुंतला, पिता आनंद स्वामी, माता स्नेहलता, चाचा प्रमोद स्वामी परिजनों से खुशी व्यक्त की।

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