
महिने के मुश्किल दिनों में महिलाएं नहीं होगी परेशान, निशुल्क मिलेगी सेनेटरी नैपकीन
अब अलवर की महिलाएं ही सेनेटरी नैपकीन करेंगी और अलवर की महिलाएं ही उनका वितरण करेंगी। राजीविका की ओर से राजगढ़ में संचालित भारत माता सीएलएफ फैडरेशन को यह काम सौंपा गया है।
4 लाख नैपकीन होगी तैयार
राजगढ़ के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में राजीविका की ओर से नाबार्ड के सहयोग से क रीब सात लाख रुपए की लागत से सैनेटरी पैड बनाने की मशीन लगाई गई है। इस स्कूल में ही सीएलएफ कलस्टर का कार्यालय भी खोला गया है। प्रतिमाह एक साथ चार लाख सेनेटरी नैपकीन बनाई जाएगी। इस मशीनों को चलाने का महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तैयार नपकीनों का वितरण भी महिलाएं ही करेंगी।
उड़ान योजना में होगा वितरण
गौरतलब है कि राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल उड़ान योजना में आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों में सेेनेटरी नैपकीन का निशुल्क वितरण किया जा रहा है। अभी तक ये मशीनें निजी कंपनियों की ओर से बनाई जा रही थी,लेकिन गुण् वत्ता को शिकायतें आ रही थी, वितरण भी समय पर नहीं हो रहा था। लेकिन पहली बार ये कलस्टर की महिलाओं के माध्यम से बनवाई जाएगी। इस मशीन के आने से सैंकडों महिलाओं को रोजगार मिलेगा। सेनेटरी नैपकीन का प्रोडक्शन, पैकिंग व वितरण का जिम्मा महिलाओं के हाथ में ही रहेगा। इसकी मॉनिटरिंग भी महिलाएं ही करेंगी।
सीएलएफ से जुड़ी है ढाई हजार महिलाएं
राजगढ के भारत माता सीएलएफ की सुधा ने बताया कि इस फैडरेशन में क्षेत्र में 207 समूह संचालित किए जा रहे हैँ। इसमें ढ़ाई हजार महिलाएं जुड़ी हुई है। जो कि अचार मुरब्बा बनाने, आटा चक्की,पशुपालन, दूध संकलन, दूध वितरण आदि से जुड़कर स्वरोजगार मिल रहा है और महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं।
इस सप्ताह शुरू होगा काम
अलवर में अब महिलाएं ही सेनेटरी नैपकीन बनाएंगी। राजगढ के एक कलस्टर को इसका काम दिया है। एक साथ चार लाख के लगभग सेनेटरी नैपकीन तैयार होगी। अगले सप्ताह शुरू होगा काम। राजस्थान के प्रत्येक जिले में एक एक सीएलएफ को यह काम सौंपा गया है।
राहुल, डीपीएम, राजीविका, अलवर।
Published on:
05 Feb 2023 06:30 pm
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