
राजस्थान में माता का यह चमत्कारी मंदिर जहां मूर्ति के आते हैं पसीने, हर साल हजारों श्रद्धालु करते हैं दर्शन
अलवर. इन दिनों नवरात्र चल रहे हैं। माता के विभिन्न मंदिरों में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर में बारे में बताने जा रहे हैं जहां माता की मूर्ति को पसीना आता है। जी हां, ऐसा हम नहीं यहां आने वाले हजारों श्रद्धालु बताते हैं। अलवर जिले के राठ क्षेत्र के बहरोड़ के तसींग रोड पर स्थित मोहल्ला जैतपुरा में एकमात्र संतोषी माता मंदिर की जहां पर आसपास ही नहीं दूर दराज से भक्त माता की पूजा अर्चना करने के लिए आते है और अपनी मनोकामना पूरी कर जाते है।
इस मन्दिर का निर्माण कस्बे निवासी श्यामलाल शर्मा, रमेश चंद शर्मा, महेश चंद, सुरेश चंद, योगेश चंद ने अपनी माता शरबती देवी की यादगार में बनवाया था। शरबती देवी भगवान शंकर की परम भक्त थी। श्यामलाल के पिता जयपुर में मूर्ति बाजार से शिव परिवार की मूर्ति लेने के लिए चले गए मूर्ति पसंद कर ली पैसे दे दिए लेकिन उसके बाद दुकान के बाहर लगे मूर्तियों के ढेर के कोने में एक संतोषी माता की मूर्ति रखी हुई थी जिस पर काफी धूल चढ़ी हुई थी। जिसे देखकर महावीर प्रसाद बड़े ही भावुक हो गए और शिव पार्वती परिवार को छोडक़र माता संतोषी की मूर्ति ले आए। जिस की प्राण प्रतिष्ठा 1982 में स्व. पंडित ओमकार शर्मा ने की गई थी।
माता के आते हैं गर्मियों में पसीने, लगा रखे हैं दो-दो पंखे
महावीर प्रसाद के पुत्र रमेश चंद शर्मा ने बताया कि एक दिन कस्बे वासी करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग बैठे थे। जिनमें से एक सज्जन ने देखा के माता के चेहरों पर पानी की बूंदे लगी हुई थी। जिनको कपड़े से साफ करने के थोड़ी देर बाद फिर से देखा तो फिर पानी की बूंदे नजर आए उसी वक्त उन लोगों ने बाजार से जाकर माता के लिए पंखे लेकर आए जिसके बाद गर्मियों में दिन और रात लगातार पंखे की व्यवस्था की गई है। बाकायदा लाइट चली जाए तो इनवर्टर की व्यवस्था है और इनवर्टर बंद होने पर जरनेटर की भी व्यवस्था की गई है।
चमत्कार सिद्ध हो रही है माता: साथ ही कस्बे वासियों ने बताया कि मोहल्ले में माता के मंदिर के समीप करीब एक दर्जन लोगों ने बोरिंग कर रखी है लेकिन उनमें बिल्कुल कम पानी आता है। कई बोरिंग तो सूख भी गई है। लेकिन तब से माता के मंदिर में बोरिंग की है तब से लेकर अब तक पानी यथावत है जिससे लोगों में माता के प्रति और आस्था बनी हुई है ।
क्रिकेटर गौतम गंभीर के माता पिता भी आते है दरबार में
रमेश चंद शर्मा ने बताया कि गौतम गंभीर के पिता दीपक गंभीर भाई योगेश शर्मा के घर बैठे हुए थे और बड़े ही निराश थे निराशा की वजह जानी तो गंभीर के पिता ने बताया कि बेटा बहुत मेहनत कर रहा है लेकिन कुछ अच्छा ही नहीं कर पा रहा है। तब योगेश ने कहा कि एक बार माता संतोषी के मंदिर में मत्था टेक मन्नत मांगों उसके बाद गौतम गंभीर लगातार ऊंचाइयों को छूने लगे तब से ही दीपक गंभीर और उनकी पत्नी, बेटी और उनकी बहन समेत पूरा परिवार मंदिर में आता है। तब एक बार माता की सवामणी करके गए थे और 1 किलो चांदी का छत्र भी चढ़ाया था जिसके बाद लगातार हर साल गंभीर के परिवार से उनके माता-पिता लगातार आ रहे हैं। अब सांसद बनने पर भी सवामणी करने आएंगे।
Published on:
04 Oct 2019 09:47 am
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