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Sariska में ​एलिवेटेड होगा 23 किमी का सफर, सुर​क्षित होंगे जानवर, 1500 करोड़ की लागत आएगी

Sariska National Park में 23 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड बनेगा, इसके लिए डीपीआर की निविदा जारी हो गई है।

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अलवर

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Hiren Joshi

Jun 02, 2022

Sariska National Park: Elevated Road Proposed In Sariska Alwar

Sariska में ​एलिवेटेड होगा 23 किमी का सफर, सुर​क्षित होंगे जानवर, 1500 करोड़ की लागत आएगी

Sariska National Park: अलवर जिला ही नहीं प्रदेश के बहुमुखी प्रोजेक्ट सरिस्का बाघ परियोजना में एलिवेटेड रोड की उम्मीद जगी है। भारत सरकार के वन मंत्रालय के सुझाव पर नेशनल हाइवे अथोरिटी ने सरिस्का में 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड निर्माण के लिए डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। यह एलिवेटेड रोड 23 किलोमीटर दूरी में सरिस्का के कोर एरिया नटनी का बारा से थानागाजी के थैंक्यू बोर्ड तक पूरी तरह खंभों पर बनेगा।

सरिस्का बाघ परियोजना में बाघ, पैंथर एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लंब समय से एलिवेटेड रोड निर्माण की मांग की जा रही थी। पिछले दिनों केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने सरिस्का आगमन के दौरान भी सरिस्का में बाघ एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एलिवेटेड रोड बनाने की जरूरत बताई थी। इससे पूर्व भी कई मौकों पर सरिस्का में एलिवेटेड रोड निर्माण की मांग उठ चुकी है।

सरिस्का प्रशासन ने भी बनाए थे कई बार प्रस्ताव

सरिस्का प्रशासन भी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कोर एरिया में एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भिजवाए थे। इनमें उच्च स्तर से संशोधन के भी निर्देश दिए गए। इस कारण सरिस्का में एलिवेटेड रोड निर्माण को लेकर मंथन का दौर लंबे समय से चल रहा है।

एक साल में बनकर तैयार होगी डीपीआर

सरिस्का के कोर एरिया नटनी का बारां से थानागाजी के थैँक्यू बोर्ड तक एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव है। इसकी दूरी करीब 23 किलोमीटर है। एलिवेटेड रोड की डीपीआर एक साल में अगले साल जुलाई तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है। केवल डीपीआर बनाने पर 2.50 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है।

एलिवेटेड रोड की लागत 1500 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद

सरिस्का में बनने वाले एलिवेटेड रोड पर करीब 1500 करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है। हालांकि इस प्रोजेक्ट की डीपीआर को अंतिम रूप देने पर एलिवेटेड रोड निर्माण की वास्तविक लागत का पता चल सकेगा, लेकिन यह प्रोजेक्ट सरिस्का ही नहीं पूरे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है।

इसलिए है एलिवेटेड रोड जरूरी

सरिस्का बाघ परियोजना से होकर अलवर- जयपुर स्टेट हाइवे रोड गुजर रहा है। इस रोड पर रोडवेज बस एवं छोटे वाहनों के प्रवेश की अनुमति है। इस कारण दिन व रात के समय यहां वाहनों की आवाजाही रहती है। वहीं सरिस्का का जंगल होने के कारण बाघ, पैंथर एवं अन्य जीव कई बार सड़क क्रॉस करते हैं या फिर सड़क पर चलते रहते हैं। ऐसे में तेज गति से चलने वाले वाहनों से कई बार पैंथर व अन्य वन्यजीवों की टक्कर में मौत हो चुकी है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सरिस्का को वाहन विहिन बनाने की जरूरत है और यह एलिवेटेड रोड निर्माण से ही संभव है। कारण है कि अलवर- जयपुर स्टेट हाइवे को बंद करने को लेकर क्षेत्रीय लोगों का लंबे समय से विरोध रहा है।

यह रहेगी निविदा की प्रक्रिया

राष्ट्रीय राज मार्ग सड़क पर एलिवेटेड रोड बनाने के लिए फिजिब्लिटी स्टेडी कर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के कार्य लिए निविदा मांगी गई है। ऑन लाइन निविदा प्रपत्र एक जून से 30 जून तक डाउनलोड किए जा सकते हैं, ऑन लाइन निविदा अपलोड करने की अंतिम तारीख 30 जून शाम 6 बजे रहेगी। वहीं आगामी 4 जुलाई को सुबह 11 बजे वृत्त कार्यालय में ऑनलाइन निविदा खोली जाएगी।

डीपीआर की निविदा प्रक्रिया शुरू

सरिस्का में एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरिस्का में बाघ एवं अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित रखने में एलिवेटेड रोड की बड़ी भूमिका होगी।

सत्येन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता, एनएच जयपुर खंड

निश्चित रूप से पूरा होगा यह प्रोजेक्ट

सरिस्का में एलिवेटेड रोड निर्माण जरूरी है। टाइगर को बचाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है। यह प्रोजेक्ट निश्चित रूप से पूरा होगा और यह सरिस्का के लिए वरदान साबित होगा।

आरएन मीणा, क्षेत्र निदेशक, सरिस्का बाघ परियोजना

वन्यजीवों के निर्बाध विचरण के लिए जरूरी

यह एलिवेटिड रोड वन्य जीवों के निर्बाध विचरण के लिए जरूरी है। इसकी डीपीआर तैयार करने के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी है।

शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव वन