
सरिस्का में बाघ एसटी-11 के शिकार मामले में दबिश में पकड़े थे चार आरोपित
अलवर ञ्च पत्रिका. सरिस्का बाघ परियोजना के इंदौक में गत 19 मार्च को मिले मृत बाघ मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सरिस्का प्रशासन को मिल गई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गोलमोल तरीके से दम घुटना बताया है। अब बाघ की मौत के कारणों का खुलासा एफएसएल रिपोर्ट आने पर पता चल पाएगा। उधर, बाघ के शिकार मामले में गिरफ्तार आरोपित भगवान सहाय प्रजापत से पूछताछ के आधार पर अलग-अलग स्थानों से चार टोपीदार बंदूकें बरामद की गई हैं।
सरिस्का में बाघ एसटी-11 के शिकार के पांच दिन बाद भी बाघ के शिकार में शामिल गिरोह से पर्दा नहीं उठ पाया है। वनकर्मियों ने शनिवार को इंदौक गांव के कालामेड़ा में दबिश देकर कई घरों की तलाशी ली। इसमें वनकर्मियों की ओर से शुक्रवार को दबिश के दौरान हिरासत में लिए गए तीन लोगों के घरों से टोपीदार बंदूक व हथियार बरामद किए थे। एसटी-11 बाघ मामले की जांच में कुछ राजनेताओं के हस्तक्षेप के चलते जांच प्रभावित हो रही है। इनमें आरोपितों से जुड़े लोगों का संपर्क पड़ौसी जिले दौसा सहित कुछ जिलों के प्रभावशाली राजनेताओं से हैं, वहीं चुनावी राजनीति को देखते हुए जिले के कुछ नेता भी अप्रत्यक्ष रूप से आरोपितों के पक्ष में भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि सरिस्का प्रशासन का कहना है कि मामले में कोई राजनीतिक दवाब नहीं है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक तौर पर दम घुटने से बाघ एसटी-11 की मौत होने का अंदेशा जताया है। रिपोर्ट में बाघ की हत्या का कारण एक्सेसिया यानि दम घुटना बताया गया है। वहीं बाघ की हत्या के असल कारणों का पता विसरा की एफएसएल रिपोर्ट मिलने पर चल पाएगा। उधर, कुछ वन्यजीव प्रेमी बाघ की हत्या जहर से होने की आशंका जता रहे हैं। इन वन्यजीव प्रेमियों का मानना है कि बाघ के शव को देखने एवं उसमें आ रही दुर्गन्ध से बाघ की मौत कुछ दिन पूर्व होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।पूछताछ जारी है
बाघ एसटी-11 की हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपित भगवान सहाय से पूछताछ जारी है। मामले में पकड़े गए चार आरोपितों को आम्र्स एक्ट में मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस को सौंपा गया है।
डॉ. गोविंदसागर भारद्वाज, सीसीएफ, सरिस्का बाघ परियोजना
Published on:
25 Mar 2018 09:04 am
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