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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का छोर सरिस्का यूं खींच रहा दुनिया की डोर…पढ़े यह न्यूज

एनसीआर एरिया भले ही प्रदूषण की अधिकता से गैस चैम्बर बना रहो, लेकिन इसके अंतिम छोर पर स्थित सरिस्का इसे मात दे रहा है। यहां दूर-दूर तक हरियाली व स्वच्छ हवा तेज वेग से बहती है, वहीं ऑक्सीजन का उत्सर्जन भी हो रहा है। जिसका लाभ न केलव अलवर जिले की 44 लाख की आबादी को हो रहा है, बल्कि एनसीआर परिक्षेत्र के करीब 6 करोड़ से ज्यादा की आबादी सहित यहां दुनियाभर से आने वाले पर्यटकों को मिलता है। स्वच्छ वातावरण के साथ बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की साइटिंग के दौरान उनकी अठखेलियां भी देखने को मिलती है।

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Sariska Tiger Reserve

सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर

अलवर. सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर ही नहीं एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण है। सरिस्का के बाघ देश-विदेश में विख्यात है। इस कारण दुनियाभर से पर्यटक यहां बाघों को देखने के लिए आते हैं, इससे अलवर जिले के लोगों को रोजगार का सृजन होता है, वहीं सरकार को पर्यटन शुल्क के रूप में राजस्व मिलता है। साथ ही सरिस्का का हरा-भरा जंगल होने के कारण जिले के लोगों को शुद्ध वायु मिल पाती है। इसलिए सरिस्का अलवर के लिए जरूरी है।

देता है प्राण वायु
सरिस्का बड़ा ऑक्सीजोन उत्सर्जन होने के कारण एनसीआर के लिए भी महत्वपूर्ण है। टाइगर रिजर्व सरिस्का केवल अलवर जिले का मुख्य पर्यटन स्थल केन्द्र ही नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों का प्राणवायु दाता भी है। करीब 765179 वर्ग किलोमीटर में फैली सरिस्का की हरियाली केवल जिले की 44 लाख आबादी को ही ऑक्सीजन का संचार नहीं करती, पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर की 6 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या की प्राणवायु का बड़ा केन्द्र है।

बड़ा जंगल है
टाइगर रिजर्व सरिस्का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर का एक मात्र हरा भरा टाइगर रिजर्व है, जहां इतना बड़ा जंगल है। यहां करीब 420.79 वर्ग किलोमीटर खुला वन क्षेत्र तथा असंरक्षित वन 61.12 वर्ग किलोमीटर तथा सामान्य संरक्षित वन क्षेत्र 283.83 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यानी सरिस्का का 66.83 प्रतिशत वन क्षेत्र है। यहां से उत्सर्जित आक्सीजन अलवर ही नहीं पूरे एनसीआर में लोगों को जीवन देती है। सरिस्का जितना बड़ा वन क्षेत्र एनसीआर में दूसरा नहीं है। इस कारण सरिस्का एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण है।

यह है एनसीआर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, राजस्थान के अलवर व भरतपुर जिला, हरियाणा के 14 जिले तथा उत्तर प्रदेश के 8 जिलों को मिलाकर बनाया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के तहत एनसीआर की आबादी 581.87 करोड़ थी जो अब 2023 में बढक़र 7 करोड़ को पार कर चुकी है। एनसीआर में आबादी क्षेत्र ज्यादा है, जिससे हर समय प्रदूषण की समस्या रहती है। जबकि जंगल व हरियाली कम होने से ऑक्सीजन का उत्सर्जन कम मात्रा मे हो पाता है। एनसीआर में सरिस्का टाइगर रिजर्व ही 700 वर्ग किलोमीटर से बड़ा हरियाली क्षेत्र है।

सरिस्का एक नजर में
सरिस्का का क्षेत्रफल : - 1213.34 वर्ग किमी
सरिस्का का कोर एरिया : - 881.11 वर्ग किमी
सरिस्का बफर एरिया : - 332.23 वर्ग किमी
सरिस्का का वन क्षेत्र : - 765.71 वर्ग किमी
खुला वन क्षेत्र : - 420.79 वर्ग किमी
अ.स.व. : - 61.12 वर्ग किमी
सा.स.व. : - 283.80 वर्ग किमी
सरिस्का का वन क्षेत्र : - 66.83 प्रतिशत

एनसीआर एक नजर में
एनसीआर : - राजस्थान के दो जिले, हरियाणा के 14 जिले, यूपी के 8 जिले, देश की राजधानी दिल्ली क्षेत्र शामिल।

एनसीआर की जनसंख्या :- 2011 में 581.87 लाख, वर्तमान में में 7 करोड़ के पार।

जनसंख्या घनत्व व्यक्ति प्रति वर्ग किमी :- दिल्ली का 11320, यूपी का 1263, हरियाणा का 649, राजस्थान का 463 वर्ग किमी।