
कैमरों में नहीं दिखे बाघिन एसटी-10 के तीन शावक, शिकार की आशंका
अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना में बाघिन एसटी-10 के तीन शावकों के रहस्यमयी तरीके से गुम होने के बाद अब तक पता नहीं चल पाया है। शावकों की तलाश में लगाए कैमरे भी उन्हें तलाश पाने में फिलहाल विफल ही रहे हैं।
सरिस्का में बाघिन एसटी-5 के बाद अब बाघिन एसटी-10 के शावकों का एकाएक गुम हो जाना फिलहाल रहस्य बना है। करीब एक महीने की तलाश एवं कैमरों की फोटो में भी शावकों का पता नहीं चल सका है। इससे सरिस्का प्रशासन की परेशानी और बढ़ गई है।
शावक खोजने को लगाए थे 50 कैमरे
शावकों को खोजने के लिए सरिस्का में 50 कैमरे लगवाए गए थे। ये कैमरे बाघिन एसटी-10 की टैरिटरी व शावकों की जगह के आसपास लगाए थे। करीब एक महीने से ज्यादा समय की मशक्कत के बाद न तो कैमरों की फोटों में शावक दिखाई दिए और न ही उनके पगमार्क या अन्य अवशेष मिल पाए। ऐसे में सरिस्का प्रशासन शावकों को लेकर उधेड़बुन में है। सरिस्का प्रशासन ने पूर्व में दस से ज्यादा कैमरे लगवाए थे, बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 50 कर दी थी। इन कैमरों की इमेज भी जांची गई, लेकिन शावक नजर नहीं आए।
पूर्व में बाघिन की तलाश में लगवाए थे कैमरे: सरिस्का प्रशासन ने पूर्व में बाघिन एसटी-5 के अचानक गुम हो जाने के बाद एनटीसीए की गाइडलाइन के तहत करीब 300 कैमरे लगवाए थे। इन कैमरों की इमेज जांचने में सरिस्का प्रशासन को कई दिन लगे, लेकिन बाघिन के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका। इसी प्रकार कैमरा ट्रैप पद्धति अब शावकों की खोज में भी फेल साबित हुई है।
शावकों की सलामती पर लगा प्रश्न चिह्न
शावकों की तलाश में एक महीने से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी उनका पता नहीं चल पाया है। इससे सरिस्का में शावकों की सलामती पर प्रश्न चिह्न लग गया है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरिस्का में शावकों की मौजूदगी होती तो इतने लंबे समय में अब तक उनके फोटो, पगमार्क या अन्य अवशेष जरूर दिखाई पड़ते। लेकिन काफी तलाश के बाद भी शावकों के बारे में कुछ भी पता नहीं लग पाने से उनकी सलामती पर सवालिया निशान लग गया है।
शावकों की तलाश जारी
कैमरों के फोटों की जांच की जा रही है, अब तक फोटो में शावक दिखाई नहीं दिए हैं। शावकों की तलाश की जा रही है।
सेढूराम यादव,
डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना।
Published on:
26 Mar 2019 04:11 pm
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