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एशियन गेम्स के बाद अब अलवर से ओलंपिक में निकलेंगे मेडल, खिलाडिय़ों को मिल रही विश्व स्तरीय सुविधाएं

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अलवर

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Prem Pathak

Aug 23, 2018

Saurabh Chaudhary and Shooters Of Alwar Practising for olympic medal

एशियन गेम्स के बाद अब अलवर से ओलंपिक में निकलेंगे मेडल, खिलाडिय़ों को मिल रही विश्व स्तरीय सुविधाएं

अलवर. एशियन खेलों में भारत की ओर से खेलकर शूटिंग में गोल्ड मैडल लाने वाले खिलाड़ी सौरभ चौधरी के समकक्ष करीब आधा दर्जन खिलाडिय़ों का निशाना भी बेहद करीबी है। आगे मौका मिलने पर ये खिलाड़ी अलवर का नाम रोशन करेंगे। यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित युवरानी महेन्द्रा कुमारी शूटिंग रेंज में 24 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। जिनमें से छह खिलाडिय़ों का निशाना टारगेट के बेहद करीब है।

सौरभ के मैडल लाने के बाद उनका आत्म विश्वास और अधिक बढ़ गया है। सब कुछ ठीक रहा तो आगे ओलम्पिक में भी मैडल लाकर अलवर के खिलाड़ी दुनिया में नाम करेंगे। सौरभ चौधरी के साथ अभ्यास करने वाले खिलाडिय़ों के लक्ष्य को आप भी जान लिजिए।

कोच कुलदीप कुमार का कहना है कि अलवर के खिलाड़ी भी आगे आने लगे हैं। उनका प्रदर्शन बेहतर है। निश्चित रूप से इस रेंज से खिलाड़ी आगे निकलेंगे। कैम्प तक पहुंचने के बाद तो खिलाडिय़ों को पूरी सरकारी मदद मिलती है।

लक्ष्य के करीब जाते निखिल

निखिल भी अलवर के साई केन्द्र की शूटिंग रेंज पर 2017 से अभ्यास कर रहे हैं। फिलहाल वे 560 से 565 के स्कोर पर अभ्यास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोच कुलदीप कुमार का पूरा सहयोग मिल रहा है। हर समय उनकी मौजूदगी से अनुशासन तो है ही, इसके अलावा बारीक तकनीकी भी समझने को मिल रही हैं। एक ही लक्ष्य है ओलम्पिक तक पहुंचकर मैडल भारत की झोली में लेकर आना।

देवेंद्र की अभी से निशानेबाजी दमदार

केवल 12 साल के खिलाड़ी देवेन्द्र अलवर के दाउदपुर के निवासी हैं। अभी एक साल से शूटिंग का अभ्यास कर रहे हैं। लेकिन यह तय मानिए उनका अभी तक का खेल यह बता रहा है कि मैडल झोली में आना ही है। उनके पास पूरा समय है अभ्यास करने का। खुद कोच बताते हैं कि उनका स्टेमिना, अनुशासन गजब है। इनके अलावा यशा सिंह, मोनू कुमार, आशीष, विशाल बौद्ध्र, अभिनव चौधरी जैसे कई खिलाडिय़ों का प्रदर्शन अच्छा है।

तय मानिए अक्षय का मेडल

17 साल की उम्र के खिलाड़ी अक्षय बालियान भी उत्तरप्रदेश के मुज्जफर नगर के निवासी हैं। सौरभ के साथ अभ्यास करने वाले अक्षय का निशाना भी अक्सर टारगेट पर रहता है। एक औसत अभ्यास का लक्ष्य 600 में से 575 से 580 तक रहता है। जबकि सौरभ 580 से 590 तक टारगेट पूरा कर रहे थे। अक्षय का कहना है कि ऑलम्पिक में मैडल लाना ही लक्ष्य है। जिसे पूरा कर के ही राहत लेंगे। अब विश्वास और बढ़ा है।