
अलवर. अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में देशभर में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई शिक्षण संस्थानों ने छात्रवृत्ति उठा ली। अलवर जिले में भी 11 शिक्षण संस्थानों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए छात्रवृत्ति की राशि हड़पने का आरोप लगा है। यह घोटाला वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान घटित हुआ।
इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने अलग अलग थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने प्रकरणों की जांच शुरू कर दी है। विभाग ने भी छात्रवृत्ति आवेदनों पर रोक लगा दी है । पिछले दो साल से छात्रवृत्ति के आवेदन नहीं भरे जा रहे हैं। अल्पसंख्यक मामलात विभाग जयपुर से निर्देश मिलने के बाद जिला कार्यालय ने संदिग्ध शिक्षण संस्थानों का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी वास्तविकता से मेल नहीं खा रही थी। छात्रों की उपस्थिति, नामांकन और दस्तावेजों के सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
यू मिलती है छात्रवृत्ति
अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए ‘पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप’, ‘मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप’ और ‘बेगम हजरत महल योजना’ चलाई जाती हैं। इन योजनाओं के तहत पात्र छात्रों से आवेदन एनएसपी (नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल) के माध्यम से लिए जाते हैं और छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है।
यह है योजना
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं चलाती है, जैसे प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाएं। ये योजनाएं अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं ताकि वे अपनी शिक्षा जारी रख सकें और उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्हें उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकें, उच्च शिक्षा में उनकी उपलब्धि दर में वृद्धि हो और उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके।
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भौतिक सत्यापन के दौरान जिले के 11 शिक्षण संस्थानों में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति लेने के लिए फर्जीवाडा करने का मामला सामने आया है। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है। जांच चल रही है। मामला सही पाए जाने पर एफआईआर दर्ज होगी।
सीमा कुमारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, अलवर
Updated on:
18 Jun 2025 11:39 am
Published on:
18 Jun 2025 11:39 am
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