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School Holidays: जहां अन्य स्कूलों के शिक्षक मना रहे छुट्टियां, राजस्थान के इस सरकारी स्कूल के मास्टरजी उठा रहे तगारी, जानें क्यों

गुवाड़ा जानावत का स्टाफ व प्रधानाचार्य करा रहे हैं मरम्मत कार्य, बिना सरकारी सहायता, स्वयं व स्टाफ साथियों, लोगों के सहयोग से चल रहा काम।

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अलवर

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Santosh Trivedi

Jan 05, 2025

rajasthan govt school alwar

थानागाजी। हम सब आज तक सुनते आ रहे हैं कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है। विद्यालय के बच्चे शिक्षकों के लिए परिवार के समान है, लेकिन हकीकत में इस कथन को सही कर दिखाया है थानागाजी के ग्राम गुवाड़ा जानावत के राउप्रा विद्यालय में कार्यरत प्रधानाचार्य रामनाथ मीना व स्टाफ ने।

जिन्होंने विद्यालय के कमरों की बारिश में टपकती छतों की बिना कोई सरकारी सहायता के स्टाफ साथियों व ग्रामीणों, भामाशाहों से सहयोग राशि एकत्रित कर मरम्मत का कार्य शुरू किया है। जब शीतलकालीन अवकाश में अन्य स्कूलों के शिक्षक छुट्टियां मना रहे हैं। वहीं प्रधानाचार्य व स्टाफ स्कूल की मरम्मत के कार्य में लगे हैं।

गुवाड़ा जनावत के राउप्रावि के प्रधानाध्यापक को एक परिवार के मुखिया की तरह ही इस विद्यालय की चिंता सताने लगी। पिछले दिनों हुई बारिश में छत टपकने से बच्चों को खासी परेशानी हुई। उनकी किताबें व बैग भीग गए थे।

इन सब को देखते हुए एक जनवरी को जब सब लोग नए साल में जश्न मनाने में लगे थे, अवकाश का आनंद ले रहे थे। तब प्रधानाध्यापक रामनाथ मीना विद्यालय में चिनाई मिस्त्री व दो मजदूरों के साथ स्वयं बजरी रोड़ी सीमेंट का मसाला तैयार कर विद्यालय के कमरों की टपकती छतों की मरमत में लगे थे।

बच्चों को परेशान नहीं होने देंगे

प्रधानाध्यापक रामनाथ मीना ने बताया कि विद्यालय में 8 कक्षाओं, प्रधानाध्यापक कक्ष, स्टाफ रूम सहित सभी 10 कमरे है। इनकी सभी की छतें बारिश के मौसम में टपकने लगते है, जिनसे बच्चों को भारी परेशानी होती हैं। बच्चों के कपड़े, स्कूल बैग व किताब, कॉपियां भीग जाते हैं, उनकी पढ़ाई में व्यवधान होता हैं। मजबूरन छुट्टी करनी पड़ती है। ऐसा तीन-चार साल से चल रहा है। बारिश के मौसम में विभागीय अधिकारियों, सरपंच, विधायक व जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

2025 की पहली तारीख को कार्य शुरू किया

जुलाई, अगस्त में बारिश के मौसम में सभी स्टाफ साथियों से चर्चा कर तय किया कि वर्ष 2025 में बच्चों को परेशान नहीं होने देंगे। इसके लिए हमने विद्यालय विकास समिति अध्यक्ष प्यारेलाल के साथ सभी सदस्यों व ग्राम के वरिष्ठ-प्रबुद्ध जनों, भामाशाहों से सहयोग लिया और वर्ष 2025 की पहली तारीख को ही स्टाफ साथियों व ग्रामीणों के आपसी सहयोग से विद्यालय के कमरों की छतों का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। 3 जनवरी तक 3 कमरों की छतों की मरमत कर दी गई हैं। अन्य कमरों की छतों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा हैं।

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