
अब सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल कर सकेंगे ई-मित्रों की जांच, नियमों का पालन नहीं तो लाइसेंस होगा निरस्त
अलवर. अब सरकारी स्कूलों के प्रिंसीपल ई- मित्रों की जांच कर सकेंगे। इन्हें एक माह में कम से कम पांच ई मित्रों की जांच कर इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को देनी होगी।
जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा ने इस बाबत एक आदेश जारी किया है जिसमें कहा है कि ई मित्रों के बेहतर संचालन और सरकारी सेवाओं को आम जन को अच्छी सुविधा देने के लिए अब एसडीएम, तहसीलदार व विकास अधिकारी एक माह में पांच ई -मित्रों की जांच करेंगे। इसी प्रकार स्कूल प्रिंसीपल, पीईईओ भी एक माह में पांच ई मित्रों की जांच कर इसकी रिपोर्ट भेजेंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जिला कलक्टर नन्नू मल पहाडिय़ा ने कई ई मित्र केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया तो उन्हें वहां दीवार पर सरकारी काम की रेट लिस्ट नहीं मिली। इसके बाद यह नवाचार उन्होंने किया है। पहली बार सरकारी स्कूल प्रिंसीपल को इस तरह का अधिकार दिया है।
जिले में हैं 4 हजार ई मित्र-
अलवर जिले में वर्तमान में चार हजार ई मित्र केन्द्र हैं। इनमें अधिकतर पर किसी भी काम की रेट लिस्ट चस्पा की हुई नहीं मिलेगी। इसके चलते आम जन को परेशानी के साथ उनसे पैसे भी अधिक लिए जा रहे हैं। ई मित्रों का प्रभावी निरीक्षण नहीं किया जाता है जिसके चलते अब प्रशासनिक अधिकारियों व स्कूल प्रिंसीपल को इससे जोड़ा गया है। ई मित्रों की जांच करने वाले अधिकारियों के खिलाफ पहले ही आरोप लग चुके हैं। अब स्कूल प्रिंसीपल की सिफारिश के आधार पर ई मित्रों का लाइसेंस तक निरस्त हो सकेगा। ई मित्रों की सेवाओं का दायरा अब बढ़ता जा रहा है जिसके चलते इनकी प्रभावी जांच की जानी चाहिए।
Published on:
03 Feb 2021 12:06 pm
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