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सीवरेज के ढक्कन सडक़ लेवल से कहीं पर ऊंचे या फिर नीचे, निर्माण के समय मानकों पर नहीं दिया ध्यान

औद्योगिक नगरी में कई सडक़ें ऐसी है, जहां निर्माण के समय मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। जिसका खमियाजा वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है।

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  सडक़ पर सीवरेज का ढक्कन।

भिवाड़ी. सडक़ पर लगा सीवरेज का ढक्कन।

भिवाड़ी. औद्योगिक नगरी में कई सडक़ें ऐसी है, जहां निर्माण के समय मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। जिसका खमियाजा वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। यहां भिवाड़ी में मंशा चौक से खिजूरीवास टोल तक सडक़ के चौड़ाईकरण, नवीनीकरण सहित सौंदर्यकरण के कार्य पर बजट तो खूब खर्च हुआ, लेकिन सडक़ के नीचे बिछी सीवरेज लाइन के 90 फीसदी ढक्कन या तो सडक़ लेवल से काफी ऊपर है या बहुत नीचे। कुछ क्षतिग्रस्त भी है। इन ऊंचे-नीचे ढक्कनों से तेज गति से गुजरते वाहनों के पहिए टकराते है तो हादसे की संभावना बनी रहती है। दुपहिया वाहन गिर भी जाते हैं। साथ ही वाहन में भी काफी नुकसान हो जाता है।


सडक़ पर वाहन चालकों का जरा सा ध्यान चूकने पर हादसा होने की आशंका बनी रहती है। कई जगह ढक्कन टूट भी रहे है। सडक़ से रोजाना बड़ी संख्या में हल्के-भारी वाहन गुजरते हैं। इस तरह की कमी से कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। दूसरी सीवरेज के मैनहॉल कई जगह ओवरफ्लो हो रहे है। जिससे गंदा पानी सडक़ पर फैलता रहता है। एक-दो जगह नाली नहीं होने से वहां का पानी भी सडक़ पर आ जाता है। रीको ने इस रोड को चौड़ी करते हुए दो से चार लेन किया है। अलवर से आने वाला काफी ट्रेफिक इसी मार्ग से भिवाड़ी मोड़ होते हुए जयपुर-दिल्ली हाइवे को जाते है।


14.28 करोड़ हुए खर्च
रीको ने एक साथ टेंडर किया था। जिसमें 14.28 करोड़ रुपए से कई कार्य हुए। जिनमें मंशा चौक से खिजूरीवास रोड का चौड़ाईकरण, 400 मीटर बॉक्स कल्वर्ट, बाबा मोहनराम खोली धाम परिक्रमा मार्ग निर्माण, सेक्टर आठ, सेक्टर नौ, वसुंधरा नगर में डामर सडक़, वसुंधरा नगर में डिवाइडर का काम, मंशा चौक से खिजूरीवास तक पावर लाइन शिफ्टिंग, नई पावर लाइन एवं नई स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य, खिजूरीवास से मंशा चौक तक 18 हजार वर्गमीटर में इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने सहित अन्य कार्य कराए गए। मामले में रीको प्रथम एसआरएम केके कोठारी का कहना है कि निर्माण में अगर कोई कमी है तो दिखाया जाएगा। अभी वहां पर डिवाइडर निर्माण का कार्य प्रगति पर है।