
जानिए कौनसा शहर हैँ जहां भगवान शिव व पार्वती दूल्हा दुल्हन के रूप में विराजमान हैँ
मंदिर के पुजारी विजय कुमार सारस्वत ने बताया कि यह राजकालीन मंदिर हैं।
यहाँ भगवान शिव मां पार्वती के साथ दूल्हा-दुल्हन के रूप में राजसी वेश में अपने दोनों पुत्रों गणेश जी व स्वामी कार्तिकेय जी के साथ विराजमान हैं। इस मंदिर में भगवान शिव के रुद्र अवतार हनुमान जी महाराज भी रामायणी हनुमान जी के रूप में विराजमान हैं। ये सभी आदम कद प्रतिमाएं हैं।भगवान शिव- पार्वती का ऐसा मंदिर शायद ही कहीं दूसरा हो।इसी के साथ ही मंदिर में गणेश जी का वाहन मूषक व कर्तिकेय जी का वाहन मयूर,काले संगमरमर से निर्मित है तथा भगवान शंकर का वाहन नंदी व माँ पार्वती का वाहन सिंह,श्वेत संगमरमर से निर्मित है।
शिवरात्रि पर्व पर मंदिर में दूल्हे- दुल्हन के रूप में विराजमान भगवान शिव व माँ पार्वती का अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। इस मंदिर में भगवान शिव व माँ पार्वती की एक ही पाषाण से निर्मित प्रतिमाएं हैं।
ऐसी भी मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती के दूल्हा-दुल्हन रूप में विराजमान प्रतिमाओं की पूजा अर्चना करने से विवाह योग्य कन्याओं को मनोवांछित सुंदर वर की प्राप्ति होती है व परिवार में सुख शांति की स्थापना होती है।
त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी को प्रदोष व्रत के दिन मनाई जाएगी महाशिवरात्रि
भगवान शिव व माता पार्वती की आराधना का सबसे बड़ा मुख्य पर्व महाशिवरात्रि 18 फरवरी को श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी। शास्त्रोक्त महाशिवरात्रि के दिन भगवान शंकर व माता पार्वती का विवाह हुआ था । स्कीम दस निवासी पंडित यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन ही इस बार - शनि प्रदोष व्रत भी रहेगा। उन्होंने बताया कि त्रयोदशी तिथि 17 फरवरी को रात 11.38 बजे से 18 फरवरी को रात 08.03 बजे तक, तथा चतुर्दशी तिथि 18 फरवरी को- 08.04 बजे से- 19 फरवरी को सांय 04.19 बजे तक है।
Published on:
17 Feb 2023 05:19 pm
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