
अलवर. महावीर जयंती महोत्सव के दूसरे दिन जैन भवन में सोमवार को श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, नित्यनियम पूजन किया गया। जैन मुनि साक्ष्य ससंघ के जैन धर्म की प्राचीनता पर सम्मेलन एवं मंगल प्रवचन हुए। इस दौरान भगवान महावीर के जन्म पर बालिकाओं ने बधाई गाओ रे, अंगना सजाओ रे...प्रभु जी पधारे अंगना हमारे...भजन पर प्रस्तुति दी।
जिनवाणी की प्रस्तुति
अखिल भारतीय जैन युवा महिला प्रकोष्ठ ने बच्चों व महिलाओं की खेलकूद प्रतियोगिता कराई। दोपहर में विभिन्न संस्थाओं व मंडलों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बालिकाओं की प्रस्तुति को सराहा गया। जिनवाणी की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही दस लक्की ड्रा निकाले गए। लक्की ड्रा के विजेताओं को पुरस्कार भी दिया गया।
महाआरती के बाद नाटकों का मंचन
शाम को जैन जागृति एवं संस्कृति रक्षा मंच की ओर से महाआरती का आयोजन किया गया। इसके बाद विद्यासागर सर्वोदय ज्ञान पाठशाला, जैन भवन के बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद महावीर जयंती महोत्सव समिति की ओर से सम्मान समारोह हुआ। आखिर में सतेंद्र कौशिक ने सामाजिक व धार्मिक नाटिका का मंचन किया।
आज होगी रथयात्रा की वापसी
मंगलवार को सुबह श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, नित्यनियम पूजन किया जाएगा। श्रीजी को विराजमान कर रथयात्रा की वापसी होगी। रथयात्रा जैन भवन से शुरू होकर अंबेडकर सर्किल, भगत सिंह सर्किल, रोड नंबर 2, काशीराम चौराहा, घंटाघर, होपसर्कस से होते हुए वापस बलजीराठौड की गली जैन मंदिर आएगी।
श्रीजी की रथयात्रा का स्वागत किया
अलवर. अग्रवाल महासभा की ओर से होप सर्कस पर महावीर जयंती रथ यात्रा का स्वागत किया गया। इस अवसर पर अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष अमित गोयल, राकेश बंसल, प्रोफेसर रमेश अग्रवाल, महावीर बंसल एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
भगवान महावीर की रथयात्रा से दिया जियो और जीने का संदेश
अलवर. महावीर जयंती रविवार को श्रद्धा के साथ मनाई गई। तीन दिवसीय महोत्सव के तहत पहले दिन रविवार को भव्य रथयात्रा निकली। जियाे और जीने दो का संदेश लेकर निकली रथयात्रा में सोने का रथ सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। भगवान महावीर के इस रथ को श्रद्धालु अपने हाथों से खींच रहे थे। इससे पहले सुबह प्रभातफेरियां निकाली गई।
साक्ष्य सागरजी, योग्य सागरजी और निवृत सागरजी महाराज के सान्निध्य में रथयात्रा की शुरुआत सुबह बलजी राठौड़ की गली जैन मंदिर से रवाना हुई। रथ में श्रीजी विराजमान थे तो बैंडवादक भी जैन भजनों की मधुर स्वरहरी और महिलाएं हाथों में डांडिया खनकाते हुए समृह में नृत्य करते हुए चल रही थी। श्रद्धालु श्रीजी के दर्शन करने के लिए लालायित नजर आए। रथयात्रा मुंशी होकर, त्रिपोलिया, बजाजा बाजार होते हुए होप सर्कस पर पहुंची। रथयात्रा का मुख्य आकर्षण जयपुर से लाया गया हाथी था। इसके साथ ही ड्रोन से की पुष्प वर्षा भी की गई। श्रद्धालुओं शरबत, शिकंजी, ठंडाई, आइसक्रीम सहित कई खाद्य पदार्थों का वितरण किया गया।
ध्वजारोहण से हुई महोत्सव की शुरुआत
शोभायात्रा स्कीम नंबर दस जैन भवन पहुंचकर संपन्न हुई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नीति आयोग हिंदी विभाग की सदस्य अर्चना जैन ने यहां ध्वजारोहण किया। इसके बाद सम्मान समारोह हुआ, जिसमें यूपीएससी में चयनित नमन जैन व मुख्य अतिथि का जैन समाज की ओर से स्वागत किया गया। शाम 6.30 बजे श्रीजी की महाआरती श्री दिगंबर जैन अग्रवाल महिला मंडल की ओर से की गई। धर्मसभा में पं. राकेश जैन आगरा, पं. विक्रम जैन शास्त्री के प्रवचन हुए। इसके बाद रक्तदाताओं का सम्मान समारोह पल्लीवाल युवक मंडल की ओर से किया गया। रात्रि को नरेंद्र जैन एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुति दी।
होपसर्कस सहित अन्य जगहों पर हुई आरती
रथयात्रा का होपसर्कस पर पहुंचने पर समाज की ओर से महाआरती का आयोजन किया गया। होपसर्कस पर भगवान महावीर के जन्म की झांकी सजाई गई थी। इस अवसर पर समाजसेवी बच्चू सिंह जैन, खिल्लीमल जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आदिनाथ जैन शिक्षण संस्थान अलवर की ओर से होप सर्कस पर श्रीजी के रथ की महाआरती की गई। उपाध्यक्ष नीरज जैन एवं सचिव नरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि आदिनाथ पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों की ओर से बैंड वादन का प्रदर्शन किया गया। रथ यात्रा में आदिनाथ जैन टीटी कॉलेज की ओर से प्रदर्शित आचार्य विद्यासागर की शिक्षाओं पर आधारित झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। महाआरती के बाद आदिनाथ पब्लिक स्कूल की पूर्व छात्र रिद्धिमा जैन का आईपीएस में सलेक्शन होने पर संस्थान के अध्यक्ष अशोक कुमार जैन अगोनीज ने रिद्धिमा जैन का सम्मान किया।
बच्चों ने दी णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणम की प्रस्तुति
स्कीम नंबर दस में दोपहर जैन शिक्षण संस्थान के बच्चाें की ओर से जैन भजनों पर आधारित नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। इसमें णमो अरिहंताणम, ण्मो सिद्धाणम , श्री जी झूल पलना नैक धीरे झोटा दीजो के अलावा इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। बच्चों की रंगारंग प्रस्तुति ने ऐसा समां बांधा की श्रद्धालु देर तक रूके रहे।
Published on:
22 Apr 2024 11:43 pm

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