
थानागाजी. कस्बे सहित आस-पड़ोस के गांव- कस्बों में शाम करीब 5 बजे बाद से धुएं जैसी धुंध की चादर छा गई, जो देर रात तक भी छाई रही। घने धुएं रूपी धुंध के कारण विजिबिलिटी कम होने से सडक़ों पर आने-जाने में वाहन चालकों, राहगीरों को मुश्किल आई, ²श्यता कम होने से सडक़ों पर वाहनों की स्पीड अपेक्षाकृत कम ही रही।
धुएं रूपी धुंध की चादर फैलने से ग्रामीणों के गले में जलन, सांस लेने में मुश्किल के साथ ही आंखों में जलन होने की शिकायत आम रही। धुएं रूपी धुंध का प्रकोप इस प्रकार रहा कि घरों के अंदर बैठे लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पर्यावरण प्रेमी रामभरोसे मीणा ने हवा में घुली जहरीली धुआं पर ङ्क्षचता व्यक्त करते हुए बताया कि अब शहरों की जहरीली धुआं गांवों में पहुंच रही है। जहरीली आबोहवा, सरिस्का की वादियों में भी घुलने लगी है। जहरीली गैसों से अब एक भी स्थान सुरक्षित नहीं है। फेफड़ों में जहर घुस रहा है। हवा जानलेवा हो चुकी है। सांसें घुटती जा रही है। हवा में विभिन्न प्रकार की गैसे घुल रही है उसी के परिणाम स्वरूप इस प्रकार का नजारा बन जाता है। श्वास लेने में आक्सीजन की कमी के साथ दुर्गंध महसूस होने लगती है। कस्बे थानागाजी में जयपुर रोड पर कार सर्विस स्टेशन चला रहे नन्दराम सैनी ने कहा कि कस्बे थानागाजी की हवा में घुला यह जहरीला धुआं जयपुर, दिल्ली, गुडग़ांव, भिवाड़ी एमआईए अलवर कहीं से भी हो सकती है।
पूरे क्षेत्र में फैल गई धुंध :
मालाखेड़ा. क्षेत्र में शाम 4 बजे के बाद अचानक मौसम ने पलटी खाई और बादल छाने के साथ ही पूरे क्षेत्र में धुंध फैल गई। साथ ही हवा भी चलने लगी, जिससे सर्दी का एहसास भी हुआ। दो दिन से क्षेत्र में बादल छाए हुए थे और गर्मी भी थी, लेकिन रविवार को एकाएक मौसम में हुए बदलाव के चलते सडक़ पर गुजरते वाहनों को लाइट जलानी पड़ी और उनकी रफ्तार भी कम हो गई।
मास्क लगा लेना चाहिए
वायु प्रदूषण के कारण दमा जैसे रोग का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करना चाहिए। घर से बाहर निकलने के समय निश्चित रूप से मास्क लगा लेना चाहिए।
डॉ. बीएल यादव बीसीएमओ, थानागाजी।
Published on:
17 Nov 2024 11:36 pm
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