
खरीफ फसलों की बुवाई 11 फीसदी, बारिश का इंतजार
खरीफ फसलों की बुवाई 11 फीसदी, बारिश का इंतजार
अलवर. जिले में किसान अच्छी बारिश के इंतजार में हैं। जैसे ही अच्छी बारिश आएगी तो किसानों की ओर से खरीफ की फसल की बुवाई कर दी जाएगी। खरीफ की फसल केवल बारिश पर ही निर्भर करती है। जिले में खरीफ की फसल में सबसे अधिक बाजरे की बुवाई होती है। वहीं जिले की कुछ तहसीलों में हल्की बारिश के साथ ही किसानों ने खरीफ की बुवाई शुरू कर दी है। अब तक जिलेभर में केवल 46 हजार 500 हेक्टेयर पर बुवाई हुई है।
कृषि विभाग का यह रहा लक्ष्य
जिले में कृषि विभाग की ओर से खरीफ की बुवाई का लक्ष्य जारी कर दिया गया है। इसमें सबसे अधिक तो बाजरे की खेती की बुवाई होती है। बाजरे के उत्पादन में अलवर प्रदेश में द्वितीय स्थान पर रहता है। जिले की सभी तहसीलों में खरीफ फसल की अब तक बुवाई 46 हजार 500 हेक्टेयर पर हुई है। वहीं कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में 4 लाख 22 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य रखा है। अभी तक जिले में केवल 11 फीसदी पर ही बुवाई हो पाई है। इसमें तिलहन की बुवाई केवल 35 हेक्टेयर पर ही हुई है।
खरीदा खाद-बीज: बारिश शुरू होने से पहले ही किसानों ने खरीफ फसल के लिए खाद- बीज की खरीद कर ली है। केवल उन्हें बारिश का इंतजार है। जैसे ही अच्छी बारिश आएगी किसान बीज को खेतों में डाल देंगे। सहायक निदेशक कृषि ( सांख्यिकी) अरविंद ने बताया कि जिले में खरीफ की फसल में दो फसलों की बुवाई कम देखने को मिलती है।
वर्ष 2023 के लक्ष्य व बुवाई
फसल बुवाई ( अब तक) लक्ष्य ( हेक्टेयर में )
बाजरा 22986 320000
कपास 22174 45000
ज्वार 355 20000
ग्वार 182 5000
तिलहन 35 1000
अन्य - 30000
Published on:
24 Jun 2023 10:55 am
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