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विश्व रोगाणुरोधी प्रतिरोध सप्ताह पर विशेष…हर माह 10 करोड़ की एंटी बायोटिक दवाएं खा रहे हम

रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ रहा विपरीत असर एंटी बायोटिक दवाओं का अत्यधिक सेवन शरीर पर विपरीत असर डाल रहा है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ रही है। जानकारी के अनुसार जिले में हर महीने करीब 10 करोड़ रुपए से अधिक की एंटी बायोटिक दवाओं की बिक्री हो रही हैं। इन दवाओं के अधिक सेवन से सुक्ष्मजीवी इतने शक्तिशाली हो जाते हैं कि बाद में यही एंटी एंटीमाइक्रोबियल ड्रग्स उनके सामने प्रभावहीन साबित होते हैं। इसके कारण चिकित्सकों को भी बार-बार मरीज की दवाइयां बदलनी पडती हैं।

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विश्व रोगाणुरोधी प्रतिरोध सप्ताह पर विशेष...हर माह 10 करोड़ की एंटी बायोटिक दवाएं खा रहे हम

विश्व रोगाणुरोधी प्रतिरोध सप्ताह पर विशेष...हर माह 10 करोड़ की एंटी बायोटिक दवाएं खा रहे हम


रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ रहा विपरीत असर

एंटी बायोटिक दवाओं का अत्यधिक सेवन शरीर पर विपरीत असर डाल रहा है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ रही है। जानकारी के अनुसार जिले में हर महीने करीब 10 करोड़ रुपए से अधिक की एंटी बायोटिक दवाओं की बिक्री हो रही हैं। इन दवाओं के अधिक सेवन से सुक्ष्मजीवी इतने शक्तिशाली हो जाते हैं कि बाद में यही एंटी एंटीमाइक्रोबियल ड्रग्स उनके सामने प्रभावहीन साबित होते हैं। इसके कारण चिकित्सकों को भी बार-बार मरीज की दवाइयां बदलनी पडती हैं। वहीं, अनावश्यक एंटी बायोटिक दवाओं के सेवन से मरीज की बीमारी और भी बढ़ सकती है।

हर महिने दवाओं का 25 करोड़ का कारोबार
जिले में हर महिने दवाओं का करीब 25 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। इसमें से करीब 40 प्रतिशत एंटी बायोटिक, 30 प्रतिशत डायबिटिक व कार्डियिक और करीब 30 प्रतिशत गायनी संबंधी, मल्टी विटामिन व दर्द निवारक दवाओं की बिक्री होती है। वहीं, एंटी बायोटिक दवाओं में सर्दी, खांसी-जुकाम, बुखार व मौसमी बीमारियों की दवाओं को कारोबार सबसे अधिक होता है।

चिकित्सक की सलाह के बिना नही लें दवा
सर्दी, खांसी-जुकाम व बुखार आदि बीमारियों होने पर अधिकांश लोग स्वयं के स्तर पर ही मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक दवाएं खरीद कर ले रहे हैं। इसके अलावा असक्षम चिकित्सक भी एंटीबायोटिक लिख रहे हैं। कुछ लोग चिकित्सकों से जबरन एंटीबायोटिक लिखवा रहे हैं। वहीं, मेडिकल स्टोर संचालक भी मरीजों को अन्य दवाओं के साथ जबरन एंटी बायोटिक दवाएं दे रहे हैं। इससे शरीर में अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक पहुंच रही है। स्थिति यह हो रही है कि तीन दिन तक दवा खाने के बाद व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो पा रहा है। इससे व्यक्ति को कई दिनों तक दवा खानी पड रही है।

एंटी बायोटिक लेने से पहले जांच कराना जरूरी
एंटी बायोटिक दवाओं के सेवन से पहले बीमारी की जांच कराना जरूरी है। इसके बाद आवश्यकता होने पर ही चिकित्सक की सलाह से एंटी बायोटिक दवाओं का सेवन करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार बिना जांच के एंटी बायोटिक दवाओं के सेवन से बीमारी और भी गंभीर रूप ले सकती है। उदाहरण के तौर पर डेंगू की जांच कराए बिना ही एंटी बायोटिक दवाएं देना मरीज के लिए घातक हो सकती है। इससे मरीज की मौत भी हो सकती है। वहीं, बिना आवश्यकता के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन और तर्क विहीन दवाओं के उपयोग से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता नष्ट हो रही है। इससे लोग जल्दी बीमार हो रहे हैं।

अत्यधिक सेवन सेहत के लिए घातक
एंटी बायोटिक दवाओं का अत्यधिक सेवन शरीर के लिए बहुत घातक है। बिना जांच कराए इन दवाओं के सेवन से बीमारी और भी गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही एंटी बायोटिक दवाओं के अधिक सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी नष्ट होती है।
डॉ. अशोक महावर, सीनियर फिजिशियन, सामान्य अस्पताल।

एंटी बायोटिक दवाओं की बिक्री अधिक
दवाओं की कुल बिक्री में 40 प्रतिशत एंटी बायोटिक दवाओं की बिक्री होती है। इसमें सबसे अधिक सर्दी, खांसी-जुकाम व मौसमी बीमारियों की एंटी बायोटिक दवाओं की बिक्री सबसे अधिक होती है।
बाबूलाल कोटवाल, अध्यक्ष, अलवर जिला केमिस्ट एसोसिएशन।