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Sudan Civil War:अलवर के अजीत ने बताई आपबीती, न खाने को भोजन और न पानी, कीडों का पानी उबालकर पीना पड़ रहा था

सूडान में पिछले दिनों से सेना और अद्धसैनिक बलों के बीच चल रहे संघर्ष के बीच लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।

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अलवर

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Nupur Sharma

Apr 30, 2023

Sudan Civil War

भारत वापस लौटने के बाद परिवार के साथ अजीत सिंह

अलवर. सूडान में पिछले दिनों से सेना और अद्धसैनिक बलों के बीच चल रहे संघर्ष के बीच लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। भारत मूल के अनेक लोग इस आपसी संघर्ष का शिकार हो भूखे मरने को मजबूर हैं और किसी तरह अपने वतन भारत वापस लौटने को आतुर हैं। अलवर के अपनाघर शालीमार निवासी अजीत सिंह भी कई दिनों के प्रयास के बाद ऑपरेशन कावेरी में सकुशल भारत लौट सके। वतन लौटते ही उन्होंने भारत माता के जयकारे लगाए और ईश्वर व सरकार का शुक्रिया अदा किया।

खरतून व आसपास हालात खराब :
उन्होंने बताया कि सूडान में खरतून व उसके आसपास के हालात खराब होने से निकलना संभव नहीं है। भारत सरकार ने ऑपरेशन कावेरी के जरिए सबसे पहले भारतीयों को वापस लाने का काम किया। बेटी कल्पना शर्मा ने बताया कि अलवर सांसद, मंत्री टीकाराम जूली और जिला कलक्टर जितेंद्र सोनी ने उनके पिता की वतन वापसी में मदद की।

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पिता को सकुशल देख बेटी गले से लिपट गई
सूडान से सकुशल लौटे अजीत सिंह को देख उनकी बेटी कल्पना शर्मा दिल्ली एयरपोर्ट पर पिता के गले से लिपट गई। फिलहाल अजीत सिंह धारूहेडा में अपने बेटे के पास है और शनिवार को अलवर लौटेंगे।


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अजीत सिंह सूडान में ऑयल टर्मिनल में सुपरवाइजर के पद पर काम करते हुए पिछले 15 सालों से वहां रह रहे थे। अजीत ने बताया कि कंपनी के सेफ जोन में खतरा कम था, लेकिन संघर्ष बढ़ने से परिवार के लोग चिंतित थे। इसलिए वहां से लौटने का मन बनाया। अजीत सिंह का कहना था कि हवाई यात्रा के दौरान साथ लौटे लोगों ने बताया कि वहां पर टैँकरों मेें रहना पड रहा है, पीने को पानी नहीं मिल रहा, इसलिए कीडे के पानी को उबालकर पीना पड़ रहा है। बच्चों ने दस दिनों से खाना नहीं खाया है। बिजली नहीं हैं, अंधेरे में रहने को मजबूर है।