राजगढ़. कस्बे में जलझूलनी एकादशी पर चौपड़ बाजार स्थित मुरली मनोहरजी मंदिर से डोले शुरू होकर मुख्य मार्गाे से होते प्राचीन कुण्ड पर पहुंचे। महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर फल एवं दक्षिणा चढाई।
उज्वल पांडे ने बताया कि चौपड़ बाजार से मुरली मनोहरजी की सवारी मुख्य मार्गों से होती हुई प्राचीन कुण्ड पहुंची। जहां बडी संख्या में महिलाओं ने फल व दक्षिणा चढाकर आशीर्वाद लिया। दूसरी ओर कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में सोमवार को जलझूलनी एकादशी पर भगवान जगन्नाथजी और खाटू श्याम बाबा का श्रृंगार किया गया।
मंदिर महंत मदनमोहन शास्त्री, पण्डित रोहित शर्मा ने बताया कि एकादशी के पर्व पर भगवान जगन्नाथजी और खाटू श्याम बाबा को माखन, मिश्री, बर्फी का भोग लगाया। एकादशी पर सभी श्रद्धालु महिलाओं ने भगवान की डोल झांकी के दर्शन कर मन्नते मांगी। पण्डित मदनमोहन शास्त्री ने बताया कि वैष्णव सम्प्रदाय का एकादशी का व्रत द्वादशी तिथि के साथ मंगलवार को मनाएंगे।
डोले के नीचे से निकले
टहला. जलझूलनी एकादशी पर सिटावट स्थित गोपालजी मंदिर से बाबाजी की कुटिया तक ठाकुरजी के डोले निकाले। भक्त डोल के नीचे से निकले।
प्रमुख मार्गाे से गुजरे डोले
प्रतापगढ़. कस्बे में गणेशजी, बूढा़ महादेवजी, गोङ्क्षवददेवजी, लक्ष्मीनाथजी सहित सभी मन्दिर के ठाकुरजी के डोले गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए शिवह्र्दय आश्रम पहुंचे। आचार्य पं. कालू ने एकादशी व्रत की कथा सुनाई। श्रदालुओं ने व्रत खोला।