
जनप्रतिनिधियों की ही नहीं सुन रहा बोर्ड तो फिर जनता का क्या होगा
अलवर. नगर परिषद बोर्ड में जनता ही नहीं जनप्रतिनिधि भी परेशान हैं। अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को लेकर कई पार्षद पिछले तीन दिन से नगर परिषद के बाहर धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके लिए पार्षद सभापति और आयुक्त को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं तथा उनकी कार्यप्रणाली पर भी मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं।
नगर परिषद बोर्ड की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर भाजपा और सहयोगी पार्षद सोमवार को नगर परिषद गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में धरने में कांग्रेसी पार्षद भी शामिल हो गए। नगर परिषद गेट पर पिछले तीन दिन पार्षदों का धरना चल रहा है। धरने पर बैठे पार्षदों का कहना है कि वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। सफाई व्यवस्था बदतर हाल में है। निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार हो रहा है। शहर की रोशनी व्यवस्था ठप पड़ी है। वार्डों में कच्ची बस्ती के पट्टे जारी नहीं किए जा रहे हैं तथा काफी वार्ड विकास से वंचित हैं। पार्षदों का आरोप है कि शहर के इन बदतर हालातों के पीछे सभापति घनश्याम गुर्जर और आयुक्त धर्मपाल जाट जिम्मेदार हैं। बुधवार को धरने पर पार्षद सोनू चौधरी, धर्मपाल तंवर और रमेश सैनी आदि बैठे रहे। वहीं, शहर के वार्ड नम्बर-3 में विकास कार्य नहीं होने से आक्रोशित महिलाएं भी धरने में शामिल हुई।
मेरे पास कोई नहीं आया
पार्षदों की यदि कोई समस्या है तो वह मेरे पास आए। उनकी समस्या का हल निकालेंगे। मेरे पास कोई पार्षद नहीं आया और ना ही उन्होंने अपनी समस्या लिखकर दी है।
- घनश्याम गुर्जर, सभापति, नगर परिषद, अलवर।
जल्द होगा समाधान
सफाई के लिए जल्द ही नया ठेका किया जा रहा है। सफाई व्यवस्था में जो खामी रही उसके लिए ठेकेदार की मोटी पेनल्टी काटी गई है। जल्द ही 50 लाख रुपए से भी ज्यादा के रोडलाइट के टेंडर किए जाएंगे। वार्डों में भी विकास कार्यों के और टेंडर किए जाएंगे।
- धर्मपाल जाट, आयुक्त, नगर परिषद, अलवर।
Published on:
28 Dec 2022 09:38 pm

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