राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ( एनसीआर) के आसपास वाले क्षेत्रों की आबोहवा खतरे के निशान पर है। हवा में जहर इस तरह फैला हुआ है कि लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। भिवा़डी और अलवर जिले के एक्यूआई का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन मंगलवार को भिवाड़ी और अलवर के एक्यूआई स्तर में कमी हैं। इसमें अलवर का 226 है जो कल से 53 कम दर्ज हुआ है पर एक्यूआई इंडेक्स के अनुसार अभी भी खराब स्थिति है। वहीं भिवाड़ी का एक्यूआई 371 है जो भी गंभीर स्थिति को दर्शाता है। गत दिन से भिवाड़ी का एक्यूआई 51 कम दर्ज किया गया ह
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ( एनसीआर) के आसपास वाले क्षेत्रों की आबोहवा खतरे के निशान पर है। हवा में जहर इस तरह फैला हुआ है कि लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। भिवा़डी और अलवर जिले के एक्यूआई का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन मंगलवार को भिवाड़ी और अलवर के एक्यूआई स्तर में कमी हैं। इसमें अलवर का 226 है जो कल से 53 कम दर्ज हुआ है पर एक्यूआई इंडेक्स के अनुसार अभी भी खराब स्थिति है। वहीं भिवाड़ी का एक्यूआई 371 है जो भी गंभीर स्थिति को दर्शाता है। गत दिन से भिवाड़ी का एक्यूआई 51 कम दर्ज किया गया है। फिर भी सुबह शाम स्मॉग का जोर रहता है। अब डॉक्टरों ने भी अस्थमा मरीजों वालों के लिए सलाह दी है कि वो सूरज निकलने के बाद ही टहलने निकलें।
कई शहरों की आबोहवा अभी ठीक : भिवाड़ी और अलवर जिले का एक्यूआई हर दिन बदल रहा है। देखा गया है कि राजस्थान की राजधानी जयपुर और अलवर एक्यूआई स्तर में केवल 12 एक्यूआई का अंतर रहा है। वहीं दक्षिण- पश्चिम राजस्थान के ऐसे कई जिले हैं जिनका एक्यूआई अलवर से भी नीचे रहा है। इसमें अजमेर 117, बीकानेर 176, बांसवाड़ा 181, बाड़मेर 150, कोटा 192 व जोधपुर 201 रहा है। सबसे अधिक एक्यूआई स्तर वाले जिलों में हनुमानगढ़ 375, जैसलमेर 303, धौलपुर 385 चूरू 253 आदि शामिल हैं।
इस तरह से रहा तापमान
जिले में मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि आगामी दिनों में धूप खिली रहेगी। कभी-कभार बादल भी छा सकते हैं।